ब्यूरो, भूपेंद्र शर्मा (बरेली) धारा लक्ष्य समाचार पत्र
बरेली। विकासखंड भुता की ग्राम पंचायत दौलतपुर करैना में स्थापित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र बदहाली का शिकार हो गया है। केंद्र के चारों ओर घनी झाड़ियां उग आई हैं और परिसर में नियमित साफ-सफाई का अभाव साफ नजर आ रहा है। लाखों रुपये की लागत से बने इस केंद्र का उद्देश्य गांव में कूड़ा प्रबंधन को व्यवस्थित करना था, लेकिन वर्तमान हालात में यह केवल “शोपीस” बनकर रह गया है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि न तो यहां नियमित कूड़ा एकत्र किया जा रहा है और न ही किसी प्रकार का प्रसंस्करण कार्य हो रहा है। केंद्र का गेट अधिकतर समय बंद रहता है, जिससे यह योजना धरातल पर पूरी तरह फेल होती दिख रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ गांव तक नहीं पहुंच पा रहा है और जिम्मेदार केवल कागजों में कार्य दिखाकर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र के रखरखाव और संचालन की कोई निगरानी नहीं हो रही है। अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो यह केंद्र पूरी तरह बेकार हो जाएगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

साथ ही केंद्र को जल्द से जल्द चालू कर गांव में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की अपील की है।
खंड विकास अधिकारी भुता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि उन्हें इस संबंध में शिकायत मिली है। शीघ्र ही टीम भेजकर मौके का निरीक्षण कराया जाएगा। यदि लापरवाही पाई जाती है, तो ग्राम प्रधान और सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा केंद्र को सुचारु रूप से संचालित कराने के निर्देश दिए जाएंगे। सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का इस तरह जमीनी स्तर पर दम तोड़ना कई सवाल खड़े करता है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।
