ब्यूरो, भूपेंद्र शर्मा (बरेली) धारा लक्ष्य समाचार पत्र
भुता। भुता ब्लॉक की ग्राम पंचायत शेखापुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र इन दिनों बदहाली और अव्यवस्थाओं का शिकार बना हुआ है। केंद्र की स्थिति इतनी खराब है कि यह बच्चों के शिक्षा और पोषण का केंद्र बनने के बजाय आवारा कुत्तों का अड्डा बन गया है। परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है और साफ-सफाई का कोई इंतजाम नजर नहीं आता।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र पर न तो नियमित रूप से बच्चों की उपस्थिति होती है और न ही पोषण आहार का सही वितरण किया जा रहा है। केंद्र के आसपास झाड़ियां उगी हुई हैं, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं का भी खतरा बना रहता है। कई बार आवारा कुत्ते केंद्र के अंदर तक घुस आते हैं, जिससे छोटे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे साफ जाहिर होता है कि जिम्मेदार लोग अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़े हुए हैं।

सरकार जहां एक ओर बच्चों के बेहतर पोषण और शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं जमीनी स्तर पर योजनाओं की ऐसी दुर्दशा प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करती है। बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) भुता ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था।
अब जानकारी मिली है, जल्द ही टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और जो भी लापरवाही सामने आएगी, संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि आंगनबाड़ी केंद्र की नियमित निगरानी की जाए, साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए और दोषी प्रधान व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए,
ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके। यदि समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन कितनी तेजी से हरकत में आता है।
