काशी हिन्दू विश्वविद्यालय राष्ट्रवाद, शिक्षा और स्वावलंबन का वैश्विक केंद्र।
वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) को महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की दूरदर्शिता, भारतीय संस्कृति और आधुनिक शिक्षा के अद्भुत संगम के रूप में याद किया गया। महामना मालवीय मिशन के संगठन मंत्री प्रमील पाण्डेय ने कहा कि वर्ष 1916 में स्थापित BHU आज भी राष्ट्रवाद, संस्कार और वैज्ञानिक शिक्षा का विश्वस्तरीय केंद्र बना हुआ है।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, आयुर्वेद, कृषि, कला और विज्ञान शिक्षा के साथ स्वावलंबन की परंपरा विकसित की गई। सर सुन्दरलाल चिकित्सालय, आयुर्वेदिक कॉलेज और औषधीय शोधों ने BHU को विशेष पहचान दिलाई। साथ ही ज्योतिष, कर्मकाण्ड और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण में भी विश्वविद्यालय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
प्रमील पाण्डेय ने कहा कि BHU केवल शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि “विद्या, संस्कार और राष्ट्रसेवा” का जीवंत प्रतीक है, जो आज भी भारत की गौरवशाली विरासत को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ा रहा है।
