Varanasi UP…गंगा इफ्तार प्रकरण में आठ आरोपियों की जमानत माननीय उच्च न्यायालय से मिलने पर बयान

गंगा इफ्तार प्रकरण में आठ आरोपियों की जमानत माननीय उच्च न्यायालय से मिलने पर बयान

रजत जायसवाल की ओर से इस प्रकरण में पैरवी कर रहे अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने अपना बयान जारी करते हुए कहा कि भारत का संविधान और हमारी न्यायपालिका प्रत्येक नागरिक को न्याय के साथ-साथ आत्मसुधार का अवसर भी प्रदान करती है। न्यायालय द्वारा जमानत दिया जाना न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका सम्मान लोकतंत्र में सभी पक्षों को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और सनातन सभ्यता की प्रतीक हैं, इसलिए उनके प्रति श्रद्धा और मर्यादा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। साथ ही सभी धर्मों और समुदायों के लोगों को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए सामाजिक सौहार्द एवं भाईचारे को मजबूत करना चाहिए। भारत की वास्तविक पहचान उसकी विविधता, सहिष्णुता, संवैधानिक मूल्यों और कानून के प्रति अटूट आस्था में निहित है।

Related posts