धारा लक्ष्य समाचार पत्र
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने हरियाणा विजन-2047 के तहत आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के 5 वर्षीय रोडमैप और एक्शन प्लान के क्रियान्वयन की प्रगति का आकलन किया। बैठक में दोनों विभागों द्वारा निर्धारित लक्ष्यों, योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प के अनुरूप ‘विकसित हरियाणा’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए सभी विभागों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाते हुए योजनाओं को प्रभावी ढंग से धरातल पर उतारना होगा।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सहकारिता क्षेत्र की भूमिका पर विशेष बल देते हुए कहा कि ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के संकल्प को साकार करने में सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। स्वयं सहायता समूह और ग्रामीण स्तर तक कार्यरत सहकारी समितियां भारतीय अर्थव्यवस्था की एक अहम कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी संस्थाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सहकारी समितियों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाओं और पारदर्शी व्यवस्थाओं से जोड़कर उनकी कार्यक्षमता बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं, किसानों और ग्रामीण युवाओं को सहकारिता आंदोलन से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि आर्थिक सशक्तिकरण को नई गति मिल सके।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों तक खाद्यान्न और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाए तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आगामी पांच वर्षों के लिए तैयार रोडमैप, निर्धारित लक्ष्यों और विभिन्न योजनाओं की वर्तमान स्थिति से अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा विजन-2047 केवल एक योजना नहीं, बल्कि प्रदेश के समग्र और सतत विकास का रोडमैप है, जिसके माध्यम से हरियाणा को आर्थिक, सामाजिक और प्रशासनिक दृष्टि से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास, जनभागीदारी और प्रभावी क्रियान्वयन के बल पर हरियाणा वर्ष 2047 तक देश के सबसे विकसित और अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगा।
