धारा लक्ष्य समाचार पत्र
हैदरगढ़ (बाराबंकी)। बाबा अवसानेश्वर महादेव की पावन भूमि हैदरगढ़ तहसील को नवागत उप जिलाधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह के रूप में नई प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता प्राप्त हुई है। उप जिलाधिकारी पद का कार्यभार ग्रहण करते ही श्री सिंह ने जनहित एवं धार्मिक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सावन मास में आयोजित होने वाले श्रद्धालुओं के विशाल समागम को देखते हुए बाबा अवसानेश्वर महादेव मंदिर परिसर का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह ने मंदिर परिसर, मुख्य मार्गों, पार्किंग स्थल, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई, विद्युत आपूर्ति तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सावन माह में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए और सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण कर ली जाएं।
उप जिलाधिकारी ने कहा कि सावन मास में बाबा अवसानेश्वर महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सफाई कर्मियों को नियमित रूप से मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्बाध बिजली आपूर्ति एवं सभी विद्युत उपकरणों की जांच करने को कहा।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उप जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश जारी किए। उन्होंने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण तथा आपातकालीन सेवाओं को सुदृढ़ रखने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त चिकित्सा विभाग को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उप जिलाधिकारी को मंदिर परिसर में की जा रही तैयारियों की जानकारी दी। नवागत उप जिलाधिकारी के इस सक्रिय निरीक्षण को स्थानीय लोगों एवं श्रद्धालुओं ने सराहा तथा उम्मीद जताई कि सावन मेले के दौरान प्रशासन की ओर से बेहतर व्यवस्थाएं देखने को मिलेंगी।
हैदरगढ़ तहसील की कमान संभालते ही उप जिलाधिकारी अश्वनी प्रताप सिंह द्वारा धार्मिक एवं जनसुविधाओं से जुड़े स्थलों का निरीक्षण किए जाने को प्रशासनिक सक्रियता का सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सावन मास में आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, स्वच्छ एवं व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
