Varanasi UP…खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए किया गया जागरूक

खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए किया गया जागरूक

वाराणसी, कृषि विज्ञान केंद्र, वाराणसी एवं भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत ग्राम सभा काजीचक्क में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, खेती की लागत कम करने तथा पर्यावरण अनुकूल एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मिट्टी की सेहत को बनाए रखने के लिए संतुलित उर्वरकों का प्रयोग आवश्यक है। उन्होंने किसानों से जैव उर्वरकों एवं हरी खाद के उपयोग पर विशेष बल देने का आह्वान किया, जिससे भूमि की उत्पादकता लंबे समय तक बनी रह सके।

कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार सिंह ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय कृषि मंत्री के आह्वान पर यह राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत वैज्ञानिक किसानों के खेतों तक पहुंचकर रासायनिक उर्वरकों के कम एवं संतुलित उपयोग, गोबर की खाद, सनई एवं दलहनी फसलों को हरी खाद के रूप में अपनाने तथा जैव उर्वरकों के प्रयोग के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि के लिए किसानों को इन उपायों को अपनाना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के उद्यान वैज्ञानिक डॉ. मनीष पांडे ने सब्जियों की जैविक खेती पर विस्तार से जानकारी दी, जबकि डॉ. श्री प्रकाश सिंह ने प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों एवं उसके लाभों पर प्रकाश डाला।

इस अवसर पर भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. नीरज सिंह, डॉ. एस.के. सिंह एवं डॉ. आर.के. दुबे ने भी किसानों के साथ अपने विचार साझा किए तथा वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के संबंध में वैज्ञानिकों से जानकारी प्राप्त की।

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