धारा लक्ष्य समाचार पत्र
आगरा=राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम का विरोध करने वाले दिल्ली जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना अहमद बुखारी सहित देश के 10 बड़े मौलानाओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन भुगतान करने तथा वंदे मातरम की धुन पर हाथ में तिरंगा लेकर विश्व का ऐतिहासिक निकाह करके मुस्लिम कट्टरपंथियों की आंखों की किरकिरी बने शाहगंज क्षेत्र के अजम पाड़ा निवासी मुस्लिम युवक एडवोकेट गुल चमन शेरवानी की मौत की अफवाह पर मुस्लिम क्षेत्रों में जश्न मनाया गया
प्राप्त जानकारी के अनुसार गुल चमन शेरवानी अपने कुछ साथियों के साथ अजमेर स्थित तारागढ़ दरगाह गए थे वापसी में उनकी गाड़ी का टायर फट जाने के कारण गाड़ी खाई में चली गई इसकी जानकारी उनके साथ चल रहे व्यक्तियों ने आगरा में दी उसके बाद मुस्लिम क्षेत्रों में जश्न का माहौल बन गया लोग एक दूसरे को मिठाई खिलाकर गले लगाकर मुबारकबाद देने लगे ढोल तासो के साथ नाचने लगे नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर शेरवानी मुर्दाबाद के नारे लगाए गए ।
लोगों ने अपने दूर बैठे रिश्तेदारों को फोन पर शेरवानी की मौत की मुबारकबाद दी देखते ही देखते शेरवानी की मौत की अफवाह जंगल की आज की तरह मुस्लिम क्षेत्रों में फैल गई कुछ समय बाद थाना रामगंज पुलिस ने शेरवानी सहित सातों लोगों को खाई से सुरक्षित निकाल लिया इसकी जानकारी मिलने पर जश्न मनाने वाले लोगों में मायूसी छा गई
सोचने वाली बात यह है कि क्या किसी की देशभक्ति के चलते इस हद तक नफरत की जा सकती है की मौत पर जश्न मनाया जाए क्या इस्लाम मजहब इस बात की इजाजत देता है यह बात नफरत की आग में जल रहे लोगों को गंभीरता के साथ सोचनी चाहिए जो मानवता को चूर-चूर कर रहे हैं
श्री शेरवानी का कहना है कि वह सरकार की दोहरी नीति के शिकार हैं सरकार ने जहां एक और वंदे मातरम को राष्ट्रगीत घोषित कर रखा है तो वहीं वंदे मातरम का समर्थन करने पर उन्हें सुरक्षा नहीं दे पा रही है साथ ही वंदे मातरम का विरोध करने वालों पर सख्त कार्रवाई न होने के कारण कट्टर पंक्तियों के हौसले बुलंद हैं
