Barabanki UP: मनरेगा कार्य ठप होने से मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट, नए एस्टीमेट न बनने से विकास कार्य प्रभावित

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

त्रिवेदीगंज, बाराबंकी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे जनपद बाराबंकी के विकासखंड त्रिवेदीगंज क्षेत्र में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत विकास कार्यों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। विकासखंड कार्यालय में मौजूद रोजगार सेवकों एवं ग्राम प्रधानों से बातचीत के दौरान यह जानकारी सामने आई कि नए एस्टीमेट स्वीकृत न होने के कारण मनरेगा के तहत नए कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं।

क्षेत्र के कई रोजगार सेवकों ने बताया कि वर्तमान समय में ग्राम पंचायतों में मनरेगा के अंतर्गत कोई नया कार्य संचालित नहीं हो रहा है। विभागीय स्तर पर नए कार्यों के लिए एस्टीमेट तैयार न होने से मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे गांवों में मनरेगा पर निर्भर सैकड़ों श्रमिकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

वहीं कई ग्राम प्रधानों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए प्रस्ताव तैयार हैं, लेकिन एस्टीमेट स्वीकृत न होने के कारण कार्य शुरू नहीं हो पा रहे हैं। प्रधानों का कहना है कि गांवों में बड़ी संख्या में ऐसे मजदूर हैं जिनकी आजीविका का मुख्य साधन मनरेगा है। कार्य बंद होने से उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही नए कार्यों की स्वीकृति नहीं मिली तो मजदूरों को रोजगार की तलाश में दूसरे क्षेत्रों की ओर पलायन करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की गति धीमी पड़ गई है।

क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्राम प्रधानों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि मनरेगा के अंतर्गत लंबित एस्टीमेटों को शीघ्र स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि मजदूरों को रोजगार मिल सके और ग्राम पंचायतों में विकास कार्य पुनः गति पकड़ सकें।

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