सावन में आस्था का केंद्र बना अवसानेश्वर महादेव मंदिर, आज उमड़ेगा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

गोमती तट से जल लेकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे हजारों श्रद्धालु, प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर कसी कमर
कुलदीप शर्मा (के.के.)
धारा लक्ष्य समाचार
हैदरगढ़ बाराबंकी। सावन मास के पावन अवसर पर बाराबंकी जनपद की हैदरगढ़ तहसील क्षेत्र में स्थित पौराणिक एवं प्राचीन अवसानेश्वर महादेव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है। सावन के प्रत्येक सोमवार को मंदिर परिसर में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है।
श्रद्धालु पवित्र गोमती नदी के तट से जल भरकर पैदल एवं विभिन्न साधनों से मंदिर पहुंचते हैं। और भूत भावन भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं।
सावन मास को भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष रूप से पवित्र माना जाता है। यही कारण है कि सावन के सोमवार को अवसानेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगने लगती हैं। हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर एवं आसपास का क्षेत्र शिवमय हो उठता है।
दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार शासन एवं प्रशासन की ओर से भी व्यापक तैयारियां की गई हैं। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देशन में सावन के सोमवार को मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल को मुस्तैद किया गया है। श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित तरीके से मंदिर तक पहुंचाने, दर्शन एवं जलाभिषेक कराने तथा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
प्रशासन का विशेष जोर इस बात पर है कि मंदिर में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को दर्शन-पूजन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन, आवागमन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सावन के सोमवार को उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा रहा है। मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों को भी श्रद्धालुओं के साथ सहयोगात्मक व्यवहार करते हुए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि अवसानेश्वर महादेव के दरबार में सावन के महीने में दर्शन एवं जलाभिषेक करने से विशेष आध्यात्मिक अनुभूति होती है। गोमती नदी से जल लेकर भगवान भोलेनाथ को अर्पित करने की परंपरा के चलते प्रत्येक वर्ष यहां श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।
सावन के सोमवार को अवसानेश्वर महादेव मंदिर में लगने वाला भक्तों का यह जनसैलाब क्षेत्र की धार्मिक आस्था और परंपरा का प्रतीक है। हर-हर महादेव के जयघोष और भोलेनाथ के जयकारों के बीच मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर दिखाई देगा। शासन-प्रशासन की ओर से किए गए व्यापक सुरक्षा इंतजामों के बीच श्रद्धालुओं को सुगम एवं सुरक्षित दर्शन कराने की पूरी तैयारी की जा रही है।

Related posts