धारा लक्ष्य समाचार पत्र
नई दिल्ली हरियाणा । राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) योजना बोर्ड की 42वीं बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में केंद्र सरकार तथा एनसीआर से जुड़े राज्यों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भाग लिया और क्षेत्र के दीर्घकालिक विकास की दिशा में कई अहम बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के क्षेत्रीय दायरे में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा तथा वर्तमान सीमा को यथावत बनाए रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस संबंध में बैठक में सहमति बनी और क्षेत्र के संतुलित विकास पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री श्री सैनी ने कहा कि बैठक में एनसीआर के रीजनल प्लान-2041 पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इस योजना के माध्यम से आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सुनियोजित विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है। रीजनल प्लान-2041 में शहरी विकास, आधुनिक आधारभूत संरचना, परिवहन व्यवस्था, पर्यावरण संरक्षण, जल संसाधन प्रबंधन तथा सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्राथमिकता दी गई है।
बैठक में तेजी से बढ़ती जनसंख्या, शहरीकरण की चुनौतियों और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक एवं समावेशी विकास मॉडल पर भी विचार किया गया। इसके अलावा क्षेत्र में बेहतर सड़क एवं परिवहन नेटवर्क, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, हरित क्षेत्रों के संरक्षण तथा प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर भी चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनसीआर के सभी राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर क्षेत्र के संतुलित एवं टिकाऊ विकास को सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि रीजनल प्लान-2041 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बैठक में यह भी तय किया गया कि एनसीआर के विकास से जुड़े विभिन्न परियोजनाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी, ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके और क्षेत्र के निवासियों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
