विकास के दावों की खुली पोल, बरसात में कीचड़ और जलभराव से आवागमन ठप
जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली से
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली।विकासखंड क्षेत्र के ग्राम चिंता खेड़ा में ग्रामीण विकास के दावों की जमीनी हकीकत बदहाल सड़क के रूप में सामने आ रही है। गांव में शीतला माता मंदिर स्थित दलित बस्ती से लेकर कृपा शंकर के दरवाजे तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क (PMGSY) मार्ग से जुड़ने वाला खड़ंजा पिछले करीब 15 वर्षों से जर्जर अवस्था में पड़ा है। उखड़ी ईंटें, गहरे गड्ढे और जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क की मरम्मत और निर्माण के लिए कई बार ग्राम पंचायत तथा संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। सड़क पर कीचड़ और पानी भर जाने से बुजुर्गों, महिलाओं, स्कूली बच्चों तथा दलित बस्ती के लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार गांवों में बेहतर सड़क, स्वच्छता और समग्र विकास के दावे करती है, लेकिन चिंता खेड़ा का यह खड़ंजा उन दावों की वास्तविक तस्वीर पेश कर रहा है। वर्षों से मरम्मत न होने के कारण लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जर्जर खड़ंजे का शीघ्र निर्माण कराया जाए, ताकि दलित बस्ती सहित पूरे गांव के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का समाधान कब तक कराते हैं।
