जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और सुलभ बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर जिले के 192 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (स्वास्थ्य उपकेंद्रों) के व्यापक जीर्णोद्धार एवं आधुनिकीकरण का अभियान शुरू कर दिया गया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और उपकेंद्रों को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करना है।
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले के सभी स्वास्थ्य उपकेंद्रों का चरणबद्ध तरीके से कायाकल्प किया जाएगा। भवनों की मरम्मत के साथ-साथ स्वच्छता व्यवस्था, सुरक्षित पेयजल, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, शौचालय, फर्नीचर, रंगाई-पुताई और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि मरीजों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर वातावरण मिल सके।
उन्होंने बताया कि अभियान के प्रथम चरण में लालगंज विकासखंड के कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का जीर्णोद्धार जिला खनिज फाउंडेशन (डीएमएफ) निधि से कराया जाएगा। इसके अलावा जिले की करीब 60 ग्राम पंचायतों से प्राप्त प्रस्तावों पर भी प्राथमिकता के आधार पर कार्य शुरू किया जाएगा।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा में पूरे कराए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आयुष्मान आरोग्य मंदिर को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हो सके।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, उपकेंद्रों के सुदृढ़ होने से ग्रामीणों को प्राथमिक उपचार, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, नियमित जांच और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही बेहतर ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी। इससे ग्रामीणों की जिला अस्पतालों पर निर्भरता भी कम होगी।
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक ग्रामीण तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर आदर्श स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
