उतरौला तहसील कार्यालय बना कुत्तों का अड्डा

उपजिलाधिकारी कोर्ट में पसरा सन्नाटा

धारा लक्ष्य समाचार विनय कुमार

बलरामपुर ब्यूरो चीफ जहां आम नागरिकों को न्याय की उम्मीद होती है, वही स्थान जब अव्यवस्था और उपेक्षा का प्रतीक बन जाए, तो व्यवस्था पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। कुछ ऐसा ही दृश्य बलरामपुर जिले की उतरौला तहसील के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) कोर्ट में देखने को मिला, जहां न्याय की प्रतीक्षा करने वाले नागरिकों की बजाय फर्श पर आवारा कुत्ते आराम फरमाते नज़र आए।

 

वायरल हो रही तस्वीर में देखा जा सकता है कि तहसील परिसर में एक व्यक्ति बेंच पर सोया हुआ है, जबकि कोर्ट कक्ष के भीतर कम से कम चार आवारा कुत्ते जमीन पर पसरे हुए हैं। वहीं खुले दरवाज़े और खाली पड़ी कुर्सियाँ प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गवाही दे रही हैं।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कोर्ट परिसर में अक्सर आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे न सिर्फ कर्मचारियों बल्कि फरियादियों को भी डर बना रहता है। कई बार कुत्ते आपस में लड़ते हैं या परिसर में गंदगी फैलाते हैं, लेकिन प्रशासनिक अमला आंखें मूंदे बैठा है।

तहसील उतरौला उपजिलाधिकारी कोर्ट में आवारा कुत्ते का जमावड़ा

यह स्थिति न केवल तहसील की गरिमा को ठेस पहुंचा रही है, बल्कि आम जनता के बीच भी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। तहसील जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में इस तरह की दुर्व्यवस्था से यह स्पष्ट होता है कि साफ-सफाई, सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी पूरी तरह शिथिल है।

जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को चाहिए कि वे इस मामले का संज्ञान लें और तहसील परिसर को आवारा पशुओं से मुक्त कराएं। साथ ही ऐसे सार्वजनिक कार्यालयों की स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए ताकि आमजन बिना किसी भय और असुविधा के अपने कार्य संपन्न कर सकें।

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