धारा लक्ष्य समाचार पत्र रोहित मिश्रा रायबरेली
रायबरेली जिले के महाराजगंज। में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। तरई मजरे दहा निवासी अंकित मौर्या ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी रोहिनी (26) को प्रसव पीड़ा होने पर बीते बुधवार रात सीएचसी में भर्ती कराया गया। ब्लड प्रेशर लो होने पर महिला चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर करने की बात कही, लेकिन मौके पर मौजूद आशा बहू अचल कुमारी ने जिला अस्पताल भेजने के बजाय जबरन चढ़ापुर रोड स्थित उजाला अस्पताल भेज दिया।
अंकित के अनुसार, आशा बहू ने कहा कि जिला अस्पताल में अच्छा इलाज नहीं होगा और निजी अस्पताल में ₹10,000 में इलाज हो जाएगा। लेकिन वहां पहुंचते ही जाँच और खून की व्यवस्था के नाम पर ₹21,000 वसूले गए। सुबह प्रसव के बाद अस्पताल संचालक अनिल मौर्य ने ₹19,000 अतिरिक्त की मांग की और पैसे न देने पर धमकी दी।
पीड़ित का आरोप है कि नवजात बच्ची को अभी तक अस्पताल में ही रोक रखा गया है और परिवार से अभद्रता की जा रही है। पीड़ित ने अधीक्षक से मामले की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।

