धारा लक्ष्य समाचार पत्र “प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की सबसे बड़ी धरोहर है। स्वच्छ वायु, शुद्ध जल, हरियाली और संतुलित पर्यावरण ही एक सशक्त राष्ट्र की पहचान होते हैं। विकास और पर्यावरण दोनों साथ-साथ चलें, यही सुशासन की असली पहचान है। आज आवश्यकता केवल वृक्षारोपण की नहीं, बल्कि वृक्षों के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने की भी है। समाज और राष्ट्र निर्माण में जितना योगदान सड़कों, भवनों और योजनाओं का है, उतना ही योगदान पेड़-पौधों और स्वच्छ वातावरण का…
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