पाकिस्तान द्वारा की गई गोलीबारी से भट्ठे में काम करने वाले घायल श्रमिक की तीन माह बाद मौत हो गई है।
जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
रायबरेली डलमऊ कोतवाली के सन्तपुर के रहने वाले सोहनलाल उम्र 30 वर्ष जम्मू कश्मीर के नौसेरा में एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी का काम करते थे आतंकवादियों द्वारा पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान सेना द्वारा की गई गोलाबारी में सोहनलाल 10 मई को सुबह घायल हो गए उनके बाएं पैर के जांघ में गोली लगी।
उन्हें इलाज के लिए जम्मू कश्मीर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां पर एक माह से अधिक इलाज के बाद उन्हें उनके पैतृक गांव संतपुर लाया गया लेकिन उनकी हालत ठीक नहीं थी तब से श्रमिक का घर पर ही इलाज चल रहा था मंगलवार देर शाम उसकी मौत हो गई बुधवार को उसके शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
मौत के बाद बिलखती हुई पत्नी रेखा ने कहा की यदि उनके पति का समुचित इलाज होता तो उनकी जान बच सकती थी घायल होने के एक माह बाद उन्हें घर भेजा गया तब उनकी हालत नाजुक थी इलाज के लिए उसके पास पैसे नहीं थे ठेकेदार ने भट्ठे में मजदूरी कराई लेकिन पैसे नहीं दिया।
मजदूरी के पैसे दिलाने और पति के जान बचाने के लिए अधिकारियों से विनती की लेकिन किसी ने नहीं सुनी न कोई जनप्रतिनिधि न ही कोई अधिकारी इलाज के लिए कोई मदद की गरीब मजदूर होने के नाते वह उसका इलाज नहीं करा सकी पत्नी रेखा एवं उसके तीन बच्चे ऋतिक 7 वर्ष अनिकेत 6 वर्ष आर्निक अठारह माह का रो-रो कर बुरा हाल है।

