Amethi UP: जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में ग्राम पंचायत ब्रह्मनी बना सुशासन का आदर्श मॉडल

एक ही छत के नीचे सभी सेवाएँ उपलब्ध, बढ़ा पारदर्शिता और विश्वास

पंचायत सचिवालय से ₹1.25 लाख से अधिक की आय अर्जित, ग्रामीणों का समय और धन बचा

अमेठी। प्रदेश सरकार की सुशासन की अवधारणा को साकार करने की दिशा में जनपद अमेठी के विकास खण्ड बहादुरपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत ब्रह्मनी ने उल्लेखनीय पहल की है। पंचायत ने सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ निश्चय और सकारात्मक सोच के बल पर ग्राम पंचायत सचिवालय को सेवाओं का केंद्रीकृत हब बनाकर ग्रामीणों को बड़ी सुविधा प्रदान की है।

लगभग दो वर्ष पूर्व ग्रामीणों को प्रमाण पत्र, राशन कार्ड अथवा अन्य सेवाओं के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता था। प्राइवेट एजेंसियों से सेवाएँ प्राप्त करने पर मनमाना शुल्क लिया जाता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। परंतु ग्राम पंचायत ब्रह्मनी ने CSC भवन को पंचायत सचिवालय के रूप में विकसित कर इस समस्या का स्थायी समाधान किया।

वर्तमान में पंचायत सहायक, बी.सी. सखी, पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान प्रतिदिन अपनी-अपनी सीट पर बैठकर ग्रामीणों को सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। इससे ग्रामीणों को अब सभी सेवाएँ एक ही छत के नीचे, पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से उपलब्ध हो रही हैं।

*उपलब्ध सेवाएँ:*

आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार रजिस्टर की नकल, ऑनलाइन खतौनी, नवीन राशन कार्ड, राशन कार्ड संशोधन आदि सेवाएँ अब ग्राम पंचायत सचिवालय से ही उपलब्ध कराई जा रही हैं।

अब तक पंचायत सचिवालय द्वारा ₹1.25 लाख से अधिक की आय अर्जित की गई है। ग्रामीणों का समय और धन दोनों की बचत हुई है और पंचायत की विश्वसनीयता एवं पारदर्शिता में वृद्धि हुई है।

जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा, “ग्राम पंचायत ब्रह्मनी ने सीमित संसाधनों में नवाचार कर सुशासन का उदाहरण पेश किया है। यह मॉडल अन्य पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक है और ग्रामीणों के जीवन को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।”

मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल ने कहा, “पंचायत सचिवालय को सेवाओं का केंद्रीकृत हब बनाना एक सराहनीय पहल है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है, ग्रामीणों का समय और धन बचा है और स्थानीय स्तर पर सुशासन की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।”

 

*मुख्य सीख:

सीमित संसाधनों और दृढ़ संकल्प से भी बड़े बदलाव संभव हैं।

सुशासन के लिए स्थानीय स्तर पर नवाचार आवश्यक है।

पंचायत सचिवालय को सेवाओं का केंद्रीकृत हब बनाने से पारदर्शिता और दक्षता बढ़ती है।

यह मॉडल न केवल ग्राम पंचायत ब्रह्मनी बल्कि अन्य पंचायतों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण है, जिसे अपनाकर ग्रामीणों को सरकारी सेवाओं का लाभ उनके ही गांव में सुलभ कराया जा सकता है।

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