Lucknow UP: केकई के दो वचनों ने राम को भेजा वन

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

पार्वतीय रामलीला समिति द्वारा तेलीबाग विनयकी तालाब स्थित सार्वजानिक पार्क में रामलीला का भव्य मंचन किया जा रहा हैं तेलीबाग में बच्चे बड़े बुजुर्ग महिलाएं रामलीला का आनंद ले रहे हैँ पंडाल में जय श्री राम के नारों के साथ रामलीला का मंचन शुरु हुआ।

तेलीबाग की सात दिवसीय रामलीला के दूसरे दिन के रामलीला का सुभारम्भ सहकारी बैंक के अध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप सिंह जी ने दीप प्रज्वलित करके किया। उत्तराखंड महापरिषद के अध्यक्ष हरीश चन्द्र पंत समस्त पदाधिकारी, खरीका प्रथम की वार्ड अध्यक्ष श्रीमती जानकी अधिकारी, सरोजनी नगर विधानसभा क सोशल मीडिया संयोजक मोहन चन्द्र भटट, खरीका प्रथम क पार्षद के एन सिंह उपस्थित रहे।

रामलीला धनुष यज्ञ के साथ प्रारम्भ हुई। राजा जनक की ओर से सीता स्वयंवर की घोषणा के बाद ऋषि विश्वामित्रा राम और लक्ष्मण के साथ दरबार में पहुँचते हैँ सभी राजा भगवान शिव का धनुष उठाने का प्रयास करते हैँ और असफल रहते हैँ गुरु की आज्ञा पाकर राम धानुष को उठाते हैँ और उसी वक़्त धनुष टूट जाता है इससे वहां पहुंचे परशुराम का क्रोध देखकर सभी भयभीत होते हैँ फिर लक्ष्मण के साथ उनका तीखा संवाद शुरुआत होता है जिसे देख दर्शक रोमांचित हो जाते हैँ राम के विनम्रता पूर्वक समझाने पर परशुराम शांत होते हैँ ।

और राम सीता का विवाह संपन्न होता है यह देख दर्शक भाव विभोर हो उठे। धनुष यज्ञ में राजा जनक की पीड़ा को बहुत ही सुन्दर ढंग से दिखाया गया। धनुष यज्ञ में सीता जी से विवाह के लिए लंका के रावण का आना और बांडासुर का प्रसंग बहुत ही उत्साहवर्धक रहा । मंथरा-केकई संवाद के बाद केकई द्वारा राजा दशरथ को अपने दो वचनो को पूर्ण करने को कहा और वनवास की घोषणा हुई। राम बनवास के समय सभी की आँखें नम हो गई ।

तबले पर प्रदीप कुमार कापड़ी, हारमोनियम एवं निर्देशक मोहन सिंह भंडारी ओर महेश चन्द्र जोशी

कलाकार ,राम का अभिनय ममता फुलारा, लक्ष्मण – सौम्य फुलारा, सीता – मोनिका महरा, दशरथ-खींमा नन्द फुलारा, केकई-सुमिरन रावत , परशुराम – खींमा नंद फुलारा , जनक -हिमांशु फुलारा , मंथरा – बबीता जोशी , रावण -हेम जोशी , बाडासुर -पूरन तिवारी, सुनयना -जानकी गोस्वामी।

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