Amethi UP: संघ के सौ वर्षों की स्वर्णिम यात्रा शून्य से शिखर, अहम से वयम तक की यात्रा – मुख्य वक्ता

धारा लक्ष्य समाचार पत्र 

अमेठी। साल 1925 में विजयादशमी पर्व के दिन स्थापित देश के सबसे बड़े संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में विजयादशमी की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर के बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों सहित प्रबुद्ध लोगों की मौजूदगी रही।

विजयादशमी पर्व की पूर्व संध्या पर अमेठी के सरयू देवी सरस्वती विद्या मंदिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर अमेठी के श्रीराम बस्ती का बौद्धिक एवं पथ संचलन कार्यक्रम संपन्न हुआ। बौद्धिक कार्यक्रम में देश को संगठित करके निरन्तर विकास की ओर ले जाने की बात की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आए पर्यावरण संवर्धन के जीवन समर्पित करने वाले त्रिवेणी सिंह ने कहा कि परम पवित्र भगवा ध्वज की गरिमा आज देश की एकता और अखंडता को बढ़ा रही है।

मुख्य वक्ता सह क्षेत्र धर्म जागरण प्रमुख परमेश्वर जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि संघ के सौ वर्षों की स्वर्णिम यात्रा शून्य से शिखर, अहम से वयम तक की यात्रा है। मुख्य वक्ता ने कहा कि संघ में विस्तार कार्य हुआ तो लक्ष्य हुआ अपने लिए नहीं बल्कि अपनो के लिए। संघ ने देश में दुःखी,पीड़ित,वंचित, अशिक्षित लोगों सहित वनवासियों के बीच कल्याण आश्रम के रूप में कार्य किया।

बताया कि संघ के निरन्तर विकास के रूप में आज देश में लगभग 75 हजार शाखाएं चल रही हैं। जिला प्रचारक पवन ने बताया कि संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में होने वाले पहले उत्सव के रूप में श्री राम बस्ती का बौद्धिक एवं पथ संचलन कार्यक्रम संपन्न हुआ। बताया कि आगामी पंद्रह दिनों में जनपद की सभी बस्ती और न्यायपंचायतो में ऐसा ही कार्यक्रम आयोजित होग।

इस मौके पर,नगर संघ चालक अनूप अग्रवाल, जिला सेवा प्रमुख रामराज, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संगठन मंत्री युवराज, डा धनंजय, नगर कार्यवाह दिलीप कुमार, शुभम मिश्र, नगर प्रचारक संजय कुमार , अशोक श्रीवास्तव,डॉ धर्मेंद्र कुमार, शिव पूजन रमेश,अरूण संजय,तिवारी,भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ल, रविन्द्र सिंह, अंजनी पाण्डेय दिनेश तिवारी,

विद्या मंदिर प्रधानाचार्य अरविंद पाण्डेय,कमलेश तिवारी,बी पी मिश्र, निमिषा त्रिपाठी, प्रतिमा त्रिपाठी, बाल स्वयं सेवक शौर्य तिवारी, मयंक तिवारी के साथ बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी रही।

Related posts