राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से प्रगतिशील खेती का नया आयामपर ड्रॉप मोर क्रॉप” माइक्रो इरीगेशन योजना से जल संरक्षण और उत्पादकता में वृद्धि
अमेठी। जनपद के प्रगतिशील कृषक श्री छेदी मौर्या पुत्र स्व० रामलाल मौर्या, ग्राम दरपीपुर, विकास खंड गौरीगंज ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) और “पर ड्रॉप मोर क्रॉप” माइक्रो इरीगेशन योजना का लाभ उठाकर उन्नत कृषि का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने 0.40 हेक्टेयर क्षेत्रफल में संकर टमाटर की खेती के साथ ड्रिप इरीगेशन प्रणाली स्थापित कर जल का कुशल उपयोग सुनिश्चित किया।
*ड्रिप इरीगेशन से सिंचाई लागत में कमी, उत्पादन में वृद्धि*
ड्रिप इरीगेशन तकनीक से फसल की सिंचाई वैज्ञानिक तरीके से होने से जल संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता और पौधों की वृद्धि में सुधार हुआ। इसके परिणामस्वरूप रबी सीजन में लगभग 300 कुंतल संकर टमाटर का उत्पादन हुआ, जिससे श्री मौर्या को उल्लेखनीय आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।
*मिश्रित फसल प्रणाली से बढ़ी आय और आत्मनिर्भरता*
टमाटर के साथ इंटर क्रॉपिंग में बैंगन, फूलगोभी और पत्तागोभी की खेती की गई, जबकि जायद सीजन में संकर खीरा और लौकी की फसल ली गई। इस बहुफसली प्रणाली से कृषक को कुल मिलाकर लगभग ₹5 लाख का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। श्री मौर्या का यह नवाचार अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गया है।
जिलाधिकारी श्री संजय चौहान (आईएएस) एवं मुख्य विकास अधिकारी श्री सूरज पटेल (आईएएस) ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और माइक्रो इरीगेशन योजना के माध्यम से किसानों को जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और उन्नत तकनीकी अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों का प्रयोग कर किसान न केवल अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे सकते हैं।

