स्वास्थ्य सेवाओं, न्यायालयों और गन्ना तौल व्यवस्था में सुधार के दिए कड़े निर्देश
धारा लक्ष्य समाचार
सीतापुर संवाददाता शफीक अहमद की रिपोर्ट
सीतापुर। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने शनिवार को बिसवां क्षेत्र में ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण किया। उन्होंने सीएचसी बिसवां पहुंचकर इमरजेंसी, ओपीडी, महिला वार्ड, लेबर रूम, पैथोलॉजी, एनबीएसयू आदि की स्थिति देखी और स्वच्छता व रिकॉर्ड प्रबंधन में कमियों पर नाराज़गी जताई। DM ने निर्देश दिए कि बिना CMO अनुमति चिकित्सक मुख्यालय न छोड़ें, बेडशीट नियमित बदली जाए, यूनिफॉर्म में कर्मचारी रहें, जन्म प्रमाण पत्र डिस्चार्ज के समय ही दिए जाएं और दवाओं की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी न रहे। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर भोजन और अन्य सुविधाओं की भी जांच की।
तहसील बिसवां में DM ने उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों के अभिलेखों की समीक्षा की, जहाँ कब्जा संबंधी कई वाद लंबित पाए गए। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे वादों का त्वरित निस्तारण किया जाए, नियमित रूप से न्यायालय में बैठकर सुनवाई की जाए, जनसुनवाई रजिस्टर अद्यतन रखा जाए तथा IGRS शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित हो। उन्होंने तहसील परिसर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार लाने को भी कहा।
सेकसरिया शुगर मिल के निरीक्षण में DM ने गन्ना तौल केंद्र पर किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और मिल प्रशासन को तौल प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने, पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने और गन्ना भुगतान समय से करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलनी चाहिए और जहाँ भी लापरवाही मिलेगी, जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय है। निरीक्षण के दौरान CMO, SDM बिसवां और जिला गन्ना अधिकारी भी मौजूद रहे।

