Barabanki Uttar Pradesh: 14 साल की उम्र में हाफिज-ए-कुरान बने मो. यूसुफ, बधाई देने वालों का तांता लगा

धारा लक्ष्य समाचार पत्र मोहसिन रजा

सतरिख बाराबंकी। मात्र 14 वर्ष की आयू में पूरा कुरान-ए-पाक याद कर हाफिज-ए-कुरान बनने का गौरव हासिल करने वाले पूर्व प्रधान अब्दुल तव्वाब के पुत्र मोहम्मद यूसुफ की उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी की लहर। मदरसा जामिया नुरुल हुदा, कस्बा सतरिख में आयोजित समारोह में बधाई देने वालों का तांता लग गया।

इस अवसर पर बलछत प्रधान आफताब आलम, हाजी सब्बार (अब्दुल तव्वाब के पिता), मोहम्मद नायाब, जीशान, शान मोहम्मद सहित कई सामाजिक लोगों ने हाफिज मोहम्मद यूसुफ को फूल-मालाएं पहनाकर और तोहफे देकर मुबारकबाद दी। बच्चे की इस उपलब्धि पर परिवार और क्षेत्रवासियों में उत्साह का माहौल है। हाफिज मो. यूसुफ के उस्ताद कारी सफवान ने कहा, “यूसुफ की मेहनत और लगन प्रशंसनीय है।

अल्लाह ने इसे यह नेमत अता की है, आगे भी यह दीन की सेवा करे और समाज के लिए मिसाल बने।” मदरसा के नाजिम हाफिज मुख्तार ने संदेश देते हुए कहा, “ऐसे होनहार बच्चे हमारे मदरसे की शान हैं। कुरान की हिफाजत करने वाले को अल्लाह दुनिया और आखिरत में कामयाबी अता करता है। सभी अभिभावक अपने बच्चों को दीन की तालीम दिलाएं।” यह उपलब्धि न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।

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