Sitapur UP: जिलाधिकारी का औचक निरीक्षण और सख्त कार्रवाई — शैक्षिक व्यवस्था में लापरवाही पर फटकार, ग्राम विकास अधिकारी निलंबित

विद्यालय में अव्यवस्थाओं पर डीएम के कड़े निर्देश; योजनाओं में अनियमितताओं पर खैराबाद के ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र सिंह सस्पेंड

 

धारा लक्ष्य समाचार 

सीतापुर संवाददाता शफीक अहमद

सीतापुर। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने विकास खण्ड परसेण्डी स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय बेदौरा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मिड-डे-मील, रसोईघर, सामग्री की गुणवत्ता तथा कक्षा-कक्षों की शिक्षण व्यवस्था का गहन परीक्षण किया। रसोइयों को निर्धारित यूनिफॉर्म में कार्य करने, खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक रखने और रसोईघर की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कक्षा-2, 5 व 6 के बच्चों से संवाद कर स्वच्छता व नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित किया। रजिस्टरों के अवलोकन में अनियमितता मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी को स्पष्टीकरण तलब करने का निर्देश दिया गया। प्रधानाध्यापक पुष्पा रानी, शिक्षक दीप प्रकाश अग्रवाल और शिक्षिका अर्पणा की लापरवाही पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के आदेश दिए गए।

इसके साथ ही उन्होंने बेसिक शिक्षा अधिकारी को परिसर की साफ-सफाई सुधारने, शिक्षकों को फॉर्मल ड्रेस में पढ़ाने तथा कक्षाओं में शैक्षिक बैनर लगाने के निर्देश दिए। निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण निर्माण के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी के आदेश पर ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र सिंह निलंबित

खैराबाद ब्लॉक में कार्यरत ग्राम विकास अधिकारी शैलेंद्र सिंह को जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर. के आदेश पर निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध विभिन्न योजनाओं में लापरवाही, अनियमितताओं तथा बढ़ती शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।

सूत्रों के अनुसार, कई निरीक्षणों में कार्यों में कमियां पाई गई थीं और योजनाओं के क्रियान्वयन में गंभीर त्रुटियों के आरोप लगे थे। समीक्षा के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से निलंबन आदेश जारी कर दिए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भ्रष्टाचार व अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद विभागीय कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

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