अनुपस्थित अधिकारियों का वेतन कटा, रजिस्टरों में मिलीं गंभीर खामियां।
शफीक अहमद धारा लक्ष्य समाचार पत्र
सीतापुर।जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने सोमवार को जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, खैराबाद का औचक निरीक्षण कर विभागीय कार्यप्रणाली की गहन जांच की। जिलाधिकारी के अचानक पहुंचने से कार्यालय में हड़कंप मच गया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने डाक डिस्पैच कक्ष, राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन कक्ष, नोडल अधिकारी कक्ष, जिला सर्विलांस कक्ष, लेखा अनुभाग, उप मुख्य चिकित्साधिकारी कक्ष, प्रशासनिक अधिकारी कक्ष एवं मेडिकल अनुभाग का निरीक्षण कर रजिस्टरों व अभिलेखों की बारीकी से जांच की।
डाक डिस्पैच कक्ष में रजिस्टरों में गंभीर त्रुटियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए लिपिक कमल हसन का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए। वहीं राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन कक्ष में नोडल अधिकारी डॉ. विकास की अनुपस्थिति पर उनका भी एक दिन का वेतन काटने तथा स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने संबंधित जेई को सप्ताह में कम से कम एक दिन कार्यालय में अनिवार्य रूप से बैठकर कार्यों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। मेडिकल अनुभाग में अभिलेखों के रखरखाव में लापरवाही मिलने पर कड़ी चेतावनी दी गई।
उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि मुख्यालय छोड़कर बाहर रहने वाले चिकित्सकों के विरुद्ध आदेश जारी कर उन्हें मुख्यालय पर निवास करने के लिए बाध्य किया जाए तथा आदेशों की अवहेलना पर अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए।
लेखा अनुभाग के निरीक्षण में कैशबुक एवं भुगतान रजिस्टरों में त्रुटियां पाए जाने पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को नियमित जांच करने के निर्देश दिए और लेखाकार मनीष कुमार को चेतावनी पत्र जारी करने के आदेश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश कुमार सहित संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

