धारा लक्ष्य समाचार पत्र
वाराणसी श्री कबीर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय कबीरचौरा को अपराधियों एवं शिक्षा माफियाओं से मुक्त करने के लिए प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन आज किया गया है। संस्था श्री कबीर महामण्डल साधू विद्यालय कबीरचौरा, वाराणसी की उप संस्था श्री कबीर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय कबीर चौरा, वाराणसी को अवैध रूप से दो मुकदमों में आजीवन कारावास सजायाफ्ता गुरू प्रसाद गोस्वामी उर्फ गरभू यादव एवं उसके शिष्य आमोद गोस्वामी उर्फ रोशन यादव के गुरगो ने कबीर विद्यालय को कब्जा कर रखा है और कबीर विद्यालय में फर्जी वाड़ा करके घुस देकर प्रबन्धक मंत्री बन गया है ।
और अध्यापक नियुक्ति के नाम पर तीस से चालीस लाख तक वसुली कर रहा है। अध्यापक नियुक्ति के नाम पर कई करोड़ वसुली कर चुका है और अभी तक वसुली जारी है। विद्यालय में करीब 10 पदों पर नियुक्ति होना है परन्तु वे व्यक्ति पचासो व्यक्तियों से पैसा वसूली कर चुका है और सब पैसे के सेटिंग पर काम हो रहा है अधिक पैसा दो नियुक्ति पाओं, विषय विशेषज्ञ तक पुरा सेटिंग है।
एक विशेष विशेषज्ञ का नाम भी आप को बताता हूँ प्रो० भारतेन्दु पाण्डेय दिल्ली विश्वविद्यालय के है। कुलपति एवं कुलसचिव, सहायक रजिस्तार सोसायटी, वाराणसी एवं अन्य अधिकारियों को भष्ट्राचार से कई बार अवगत कराया गया परन्तु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुआ।
दो मुकदमों में सजा आफ्ता व्यक्ति कैसे संस्था के प्रबन्धक बना दिया गया। पुराने करीब अस्सी से लेकर नब्बे प्रतिशत लोगों को फर्जी तरीके से निकाल कर अपने लोगों को कमेटी के पदाधिकारी बनाकर नियुक्ति करा रहा है, जबकि संस्था के बाईलाज पर यह नियम है कि कोई भी दण्डित सजाआफ्ता व्यक्ति सदस्य ही नहीं हो सकता है ।
परन्तु घुसखोरी के आधार पर सजाआपता को प्रबन्धक / मंत्री बना दिया और अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, उपमंत्री, कोषाध्यक्ष आदि को फर्जी बता दिया गया। जिलाधिकारी के नामित मजिस्टेट के निगरानी के चुनाव को अद्योशित कर दिया। यह विषय अत्यन्त गम्भीर है हम लोगों ने शासन एवं प्रशासन को कई बार अवगत करा चुके है कि कबीर के संस्था को अपराधियों से मुक्त करे नियुक्ति में फर्जीवाड़ा हो रहा है।
गलत तरीके से नियुक्तियों हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संसदीय कार्यालय एवं मंत्री, विद्यायक ने भी इस विषय में कुलपति एवं कुलसचिव, सहायक रजिस्टार सोसायटी वाराणसी को पत्र लिखे फिर भी अभी तक नियुक्ति पर रोक नहीं लगा है। पैसा लेकर नियुक्ति कराने पर तुले हुए है। शास्त्री से लेकर आचार्य पाँच वर्ष के कोर्स में कुल 51 विद्यार्थी है। वह भी कोई विद्यार्थी नहीं आता है ।
और इसके लिए 10 अध्यायको की नियुक्ति में इतनी तेजी क्यो दिखाया जा रहा है सब सेटिंग है। इस नियुक्ति पर तत्काल रोक लबगाना चाहिये था। परन्तु अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुआ। यहां कि मंत्री विधायक, प्रधानमंत्री जी के संसदीय कार्यलय तक की बातों की अवहेलना हो रहा है।
भ्रष्टाचार इतना चर्मोत्कर्ष है कि मंत्री विधायक तक की बातों को नहीं सुन रहे है विद्यालय में अधिकतर पदों पर यादवों कि नियुक्ति होना है। क्योंकि गुरू प्रसाद खुद यादव है उसके चेला यादव, बन्दुकधारी यादव गार्ड बैठा रखा है किसी को विद्यालय में घुसने नहीं देता है और उसके ड्राईवर यादव पैरवी करने वाले यादव है।
कमलेश यादव के नियुक्ति भी होना है। लोग को भ्रम में रखकर पचासो से अधिक व्यक्तियों से तीस से चालीस लाख रूपया तक वसूल रहे है। आमोद शरण गोस्वामी के जगह प्रबन्ध मंत्री का फर्जी हस्ताक्षर करके प्रवेश पत्र भेजा जा रहा है। इसी प्रकार कई लोगों का फर्जी शपथपत्र देकर सूची पंजीकृत कराया है।
यह व्यक्ति सिवान में एक बड़े अपराधियों के गैंग के साथी है और दर्जनों हत्या, लूट, डकैती एवं बम काण्ड जैसे अपराध में सम्मिलत है। इसके बाद अब काशी में माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के क्षेत्र में अपना नेटवर्क फैला रहा है और बड़ी घटनाओं को अंजाम दे रहा है और पैसे के आधार पर गलत कार्यों को कर रहा है।
और प्रशासन को अवगत कराने पर चुप्पी साधे है। हम सभी संस्था के सदस्यो एवं साधु संतो द्वारा यह मांग है कि
गुरू प्रसाद उर्फ गरभू यादव, आमोद गोस्वामी उर्फ रोशन यादव, सुखदेव गोस्वामी एवं उसके संरक्षित कई अपराधियों से तत्काल कबीर विद्यालय को मुक्त किया जाय और गुरु प्रसाद गोस्वामी उर्फ गरभू यादव एवं उसके शिष्य रोशन यादव, सुखदेव गोस्वामी कूट रचित दस्तावेजों एवं फर्जी शपथपत्र एवं लोगों का फर्जी हस्ताक्षर एवं जबरदस्ती ताला तोड़कर कब्जा करने के आधार पर तत्काल एफ०आई०आर दर्ज कर गिरफ्तार किया जाये।
2. तत्काल श्री कबीर आदर्श संस्कृत महाविद्यालय के अध्यापक नियुक्ति पर रोक लगाया जाय।संस्था में तत्काल रिसीवर नियुक्त करके दिनांक-19.10.2014 की बैठक की कार्यवाही जिसमें अध्यक्ष आचार्य महन्त संत शरण दास जी एवं प्रबन्धक / मंत्री राममिलन गोस्वामी था। इस सूची के आधार पर तीन महिने के अन्दर शासन प्रशासन अपने देख-रेख में चुनाव कराकर सूची पंजीकृत करें।उपरोक्त तीनों मांगों पर तत्काल दो दिन के अन्दर कार्यवाही नहीं होता है।
हम सभी साधू संत भूख हड़ताल करेगे और घोर विरोध प्रदर्शन होगा और यदि किसी को कुछ होता है तो इसका जिम्मेदार गुरू प्रसाद गोस्वामी, आमोद उर्फ रोशन यादव एवं उसके सहयोगीगण सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, कुल सचिव एवं सहायक रजिस्ट्रार सोसायटी के अधिकारी एवं कर्मचारी आदि को जाता है जो कि लगातार गलत पर गलत करते जा रहे है सूचना देने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रहा है।
कई लोगों ने आपत्तियाँ किया है उसके बाद भी दो लोगों को ही सूचना जारी हुआ है फर्जी पंजीकृत सूची को निरस्त न करके अपराधियों को और समय दिया जा रहा है। मैं आप पत्रकार बन्धू को प्रेस कांफ्रेस के माध्यम से सूचित कर रहा हूँ और शासन प्रशासन को अवगत करा रहा हूँ।

