धारा लक्ष्य समाचार पत्र
अमेठी। जिले में मिलावटी और रंगीन चने की बिक्री की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया। अभियान के तहत अमेठी, जाफरगंज मंडी और आहोरवा भवानी कस्बे में थोक व फुटकर दुकानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान टीम ने भुने हुए रंग मिले चने के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे, जबकि संदिग्ध पाए गए विभिन्न ब्रांड के चने की सात बोरियों को सीज कर दिया गया।
खाद्य विभाग की टीम ने बाजारों में पहुंचकर दुकानों की गहन जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों पर बिक रहे भुने चनों में कृत्रिम रंग मिले होने का संदेह जताया गया। टीम ने कुल तीन दुकानों से चने के सैंपल एकत्र किए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान दुकानदारों में हड़कंप मच गया। खाद्य विभाग की टीम ने स्पष्ट किया कि मिलावटी अथवा रंगीन खाद्य पदार्थों की बिक्री उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टीम ने दुकानदारों को सख्त चेतावनी दी कि वे मिलावटी या कृत्रिम रंग मिले चने की बिक्री न करें, अन्यथा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोहम्मद जावेद ने बताया कि त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में भुने चने और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, ऐसे में कुछ व्यापारी मुनाफे के लालच में चनों में रंग मिलाकर उन्हें आकर्षक बनाने की कोशिश करते हैं। यह रंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
खाद्य विभाग की टीम ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे खुले में बिकने वाले अत्यधिक चमकीले या संदिग्ध रंग वाले चने खरीदने से बचें। यदि कहीं मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी शिकायत तुरंत खाद्य विभाग या प्रशासन से करें।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और जिले के अन्य बाजारों में भी सघन जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

