धारा लक्ष्य समाचार पत्र
लखनऊ। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ पर गंभीर टिप्पणी की है। जिसकी अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद व मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने निंदा करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करना गलत है।क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दोष है कि उन्होंने राम मंदिर बनवाया।
प्रयागराज की धरती पर माघ मेले का नहीं मिनी कुम्भ मेले का आयोजन हो रहा है। यहां पर शाही स्नान जैसी कोई बात नहीं होती है। करोड़ों की भीड़ को देखते हुए अगर प्रशासन ने रोका तो उसे मानना चाहिए था। इस पर अगर कोई आपत्ति है तो उस पर सरकार से बात करनी चाहिए। आखिर हमें कोई समस्या होती है तो सरकार से बात करते हैं। फिर यहां विरोध क्यों?
उन्होंने शंकराचार्य पर सीधी टिप्पणी करने से यह कह कर इनकार कर दिया कि उनके अंदर अहंकार बहुत अधिक है। यह पूछे जाने पर कि बटुकों को पीटा गया तो उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि यह गलत है लेकिन इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि इसमें सीएम का कोई कसूर नहीं है। पुलिस की व्यवस्था में लगे चार से पांच अधिकारी थे। जिसकी जांच कराकर कार्रवाई करने के लिए परिषद सीएम को पत्र लिख रहा है।
वहीं, इस प्रकरण पर सतुआ बाबा ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने शंकराचार्य को सम्बोधित करते हुए कहा, ‘गुरुजी आप जानते हैं कि बचपन से मैं आपके साथ रहा हूं। जब भी आपने देश और गंगा की बात की है, मैं हमेशा आपके साथ रहा हूं, लेकिन गोरक्षपीठ के संत के खिलाफ ऐसी टिप्पणी बर्दाश्त नहीं होगी।’ उन्होंने चेताया कि हमारा संत समाज माला और भाला दोनों की भाषा जानता है।
प्रयागराज की मर्यादा धूमिल हो रही है
इस प्रकरण पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री महंत हरिगिरि ने कहा कि इस घटना से प्रयागराज की मर्यादा धूमिल हो रही है। कहा कि जिस दिन की घटना है वो प्रयागराज में नहीं थे। इस बारे में अधिक जानकारी नहीं है। लेकिन यह घटना नहीं होनी चाहिए थी। दोनों ही पक्षों को यह ध्यान रखना चाहिए कि प्रयागराज की मर्यादा बनी रहे।साभार

