Sitapur UP: नजूल नोटिसों पर हाईकोर्ट का सख्त रुख सपा कार्यालय समेत सभी भवनों पर जारी नोटिस तत्काल वापस लेने के निर्देश

धारा लक्ष्य समाचार 

शफीक अहमद

सीतापुर। नजूल संपत्तियों को खाली कराने के नाम पर नगर पालिका परिषद द्वारा जारी नोटिसों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने नगर पालिका की कार्रवाई को कानून के विरुद्ध मानते हुए सपा कार्यालय समेत सभी भवनों पर जारी नोटिस तत्काल वापस लेने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पूरे मामले में नगर पालिका से स्पष्टीकरण भी तलब किया गया है।

यह मामला न्यायमूर्ति राजन राय एवं न्यायमूर्ति अवधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई में आया। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्ष 1916 के म्यूनिसिपल एक्ट की धारा 211 के अंतर्गत नगर पालिका किसी भी आवासीय या संस्थागत परिसर को इस प्रकार का नोटिस जारी नहीं कर सकती।

अदालत ने नगर पालिका की कार्रवाई को प्रथम दृष्टया अवैध, मनमानी और अधिकार क्षेत्र से बाहर करार दिया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद नगर पालिका महकमे में हड़कंप मच गया।

सुनवाई के दौरान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी वैभव त्रिपाठी की ओर से यह स्वीकार किया गया कि 7 और 9 जनवरी को जारी किए गए सभी नोटिस शीघ्र ही वापस ले लिए जाएंगे। मामले में टाउन हॉल, लाल कपड़ा कोठी, रानी कोठी सहित अन्य पक्षकारों की ओर से अधिवक्ताओं ने मजबूती से पक्ष रखा।

हाईकोर्ट के इस फैसले को नजूल संपत्तियों के नाम पर की जा रही कार्रवाई पर बड़ा और स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि कानून की अनदेखी कर किसी भी तरह की मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी।

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