महात्मा गांधी का चिन्तन भारत ही नहीं विश्व फलक पर चिर काल तक प्रासंगिक बना रहेगा ।
वाराणसी, 30 जनवरी । राष्ट्र पिता महात्मा गांधी का चिन्तन भारत ही नहीं विश्व फलक पर चिर काल तक प्रासंगिक बना रहेगा , प्रतिगामी सोच वाली शक्तियां उसे चाहे कितना भी तोड़ मरोड़ कर क्यों न प्रस्तुत करने का प्रयास करती रहें ।
उक्त विचार आज ईंगलिसियालाइन स्थित पंडित कमलापति त्रिपाठी फाउंडेशन में पूज्य महात्मा गांधी जी की पावन पुण्य तिथि पर आयोजित विचार गोष्ठी के माध्यम से उनको श्रध्दा सुमन अर्पित करते हुये ब्यक्त किया गया । वक्ताओं ने आगे कहा कि महात्मा गांधी का विचार और चिन्तन सर्वकालिक और सार्वभौम है वो पूरी दुनियां के लिये जितना कल प्रासंगिक था उतना आज है और उतना ही आने वाले कल में भी प्रासंगिक रहेगा । ये बात और है कि गांधी के ही देश में उनके विचारों और उनके आदर्शों की सत्तामद में आये दिन खुलेआम हत्या करने का कुप्रयास निरन्तर किया जाता है, बावजूद इसके महात्मा के विचारों को हटा या मिटा पाना किसी के लिये सम्भव ही नहीं है , क्यों कि गांधी तो करोड़ों करोड़ देशवासियों के मन मंदिर में बसते हैं और लोग उन्हें पूजते हैं । उनकी पुण्य तिथि पर उनका पुण्य स्मरण करते हुये उनके अनुवाइयों को बिना हताश और निराश हुये अविचलित रूप से अपने पथ पर निरंतर अग्रसर रहना चाहिए कदाचित यही बापू के प्रति सच्ची श्रध्दान्जलि होगी ।
विचार गोष्ठी की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सिंचाई आयोग के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता पंडित विजय शंकर पाण्डेय ने और संचालन फाउंडेशन के सचिव बैजनाथ सिंह ने किया गोष्ठी में विचार प्रकट करने वालों में प्रमुख रूप से सर्वश्री राधेलाल एडवोकेट, आनन्द सिंह, भूपेंद्र प्रताप सिंह, विजय कृष्ण राय अन्नू, मनोज चौबे, महेन्द्र चौहान, आनन्द मिश्रा, सुशील सोनकर, ब्रह्म देव मिश्रा, पुनीत मिश्र, मोहम्मद अरशद, अशोक कुमार पाण्डेय, सुवाष राम, पिन्टू शेख ,पंकज मिश्रा ,आदि रहे

