एसआईआर कार्यो मे भाजपा नेताओ के दखल को लेकर सपाईयो ने डीएम कार्यलय पर बोला हल्ला बोल।
सरकार के मंत्री एवं भाजपा कार्यकर्ताओ द्वारा बढ़ाए गए वोटो चिन्हित कर जिलाधिकारी से हटाने की मांग।
वाराणसी सरकार के मंत्री और भाजपा कार्यकर्ताओ द्वारा लगातार एसआईआर कार्यो मे लगातार उपजे शिकायत व दखल तथा चिन्हित वोट बढ़ाने को लेकर सपाई आज जिलाधिकारी के अनुपस्थिती मे सिटी मजिस्ट्रेट रविशंकर सिंह से मुलाकात कर पत्रक सौपा । सपा जिलाध्यक्ष सुजित यादव “लक्कड” एवं सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा “विश्वकर्मा” व उत्तरी विधान सभा के पूर्व विधायक अब्दुल समद अंसारी समेत दर्जनो सपा नेता सिटी मजिस्ट्रेट रविशंकर सिंह से मुलाकात कर कहा कि शहर उत्तरी विधानसभा अन्तर्गत सरकार के मंत्री के द्वारा मुस्लिम समुदाय के मतदाताओ का नाम को येन केन प्रकारेण काटने की साजिश की जा रही है। सच्चाई यह है कि मुस्लिम समुदाय के मतदाताओ ने वोटर लिस्ट मे सही नाम दर्ज कराने के लिए लगातार प्रयास किये, सभी नाम बी. एल. ओ. के स्वीकृति से ही मतदाता सूची मे अंकित है। सपा जिलाध्यक्ष सुजित यादव “लक्कड ने सिटी मजिस्ट्रेट से कहा कि सभी मतदाताओं ने अपने-अपने वोटर लिस्टों का मिलान स्वयं बूथ पर जाकर करते हुए अपने वोटों की सुरक्षा की है जिससे भयभीत होकर सरकार के मंत्री समाचार पत्रों में तत्थहीन हिन भावना से ग्रसित होकर बयान दे रहे है। सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा “विश्वकर्मा ने सिटी मजिस्ट्रेट से कहा कि भाजपा सरकार के मंत्री जो आरोप लगाकर बयान दिया जा रहा है उसमें षड्यंत्र की बदबू आ रही है। उत्तरी विधान सभा के पूर्व विधायक अब्दुल समद अंसारी ने कहा कि मंत्री रविन्द्र जायसवाल के आरोप हड़बड़ाहट में अल्पसंख्यक विरोधी और एक पक्षीय निर्णय है । विधायक रविन्द्र जायसवाल अगर सच बोल रहे हैं तो ऐसी गड़बड़ी व जो बेबुनियाद लिस्ट है उसे भी समाचार पत्रों को साझा करें और सिर्फ एक वर्ग विशेष का ही नाम क्यों ढूंढा गया । सपा नेताओ ने सिटी मजिस्ट्रेट से कहा कि उत्तरी विधानसभा के अंदर कुछ क्षेत्र मे एक ही वर्ग विशेष के लोग निवास करते हैं जिनके नाम दो जगह दर्ज है क्या और ऐसे लोग आपको नहीं मिले जिनके नाम दो जगह दर्ज है। निसंदेह वह कानूनन गलत है और दो नामों के लिस्ट में संशोधन किया जाना भी चाहिए परन्तु अभी तो फाइनल लिस्ट भी नहीं आई है। कोई ठोस आधार भी प्रकाश मे अभी तक सामने आना प्रतीत नहीं हुआ है। ऐसे परिस्थितियों मे मुस्लिम समुदाय के वोटरो पर आरोप जो लगाया गया है वह बेबुनियाद व वास्तविकता से परे कल्पित है ।
सपा नेताओ ने कहा कि अभी निर्वाचन आयोग द्वारा लगातार बूथो पर सही फार्म 7 भरने की प्रक्रिया निरंतर चल रही है। फाईनल लिस्ट आने तक सत्ता संरक्षित लोगो द्वारा मुस्लिम समुदाय के मतदाताओ का शोषण,उत्पीड़न बंद किया जाए।
SIR का कार्य चुनाव आयोग की देख रेख में हो रहा है ना की बीजेपी के नेता व कार्यकर्ता के, इस पर सत्ता पक्ष के लोगों का नियन्त्रण बंद होनी चाहिये।
ये लोग सिर्फ माहोल ख़राब करने का और एक वर्ग को डराने का कार्य कर रहे है, जो लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
भाजपा कार्यकर्ताओ एवं जन प्रतिनिधिओ के अवांछनीय गतिविधियो पर हम सभी पीडीए प्रहरी बनकर नजर बनाये हुए है तथा SIR जांच में सत्ता पक्ष के कार्यकर्ताओं का दखल बंद कराया जाना देश और समाज हित में आवश्यक एवं न्यायोचित होगा। सपा नेताओ ने सिटी मजिस्ट्रेट से मांग किया कि मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र मे भाजपा नेताओ एवं जन प्रतिनिधियो के मनगढ़ंत आरोप को दरकिनार कर एसआईआर के कार्यो मे पारदर्शीता युक्त माहौल स्थापित करने हेतू सभी बीएलओ को निर्देशित करने का कष्ट करे जिससे माहौल खराब करने वाले बेनकाब हो सके । सिटी मजिस्ट्रेट रविशंकर सिंह ने सपा नेताओ को आश्वस्त करते हुए कहा कि सभी आरोपो की निष्पक्षता से जाॅच कर पत्रक जिलाधिकारी महोदय सौप दिया जायेगा।
मुलाकात कर ज्ञापन सौपने वालो मे प्रमुख रूप से उत्तरी विधान सभा के पूर्व विधायक अब्दुल समद अंसारी, दक्षिणी विधान सभा के पूर्व प्रत्याशी किशन दीक्षित,सपा जिलाध्यक्ष सुजीत यादव “लक्कड” , पूर्व जिलाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा,सपा के वरिष्ठ नेता एवं महापौर प्रत्याशी डाॅ ओपी सिंह, सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विष्णु शर्मा “विश्वकर्मा ” प्रवक्ता संतोष यादव एडवोकेट “बबलू” रिजवान अंसारी, जवाहर यादव, आदि लोग उपस्थित थे । ।

