बभनपुरा में सरकारी रास्ते पर विवाद गहराया, पुनर्निर्माण में बाधा का आरोप।

वाराणसी (चिरईगांव): वाराणसी जिले के चिरईगांव ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा बभनपुरा में एक दशक पुराने सरकारी रास्ते को लेकर विवाद गहरा गया है। सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज इस मार्ग को बहाल कराने की कोशिश कर रहे ग्राम प्रधान वसंत कुमार सिंह पर कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा झूठे आरोप लगाए जाने का मामला सामने आया है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, ‘छेदी सिंह के घर से भदन तिवारी के घर तक’ जाने वाले रास्ते का निर्माण वर्ष 2006-07 में तत्कालीन प्रधान वृंदा देवी द्वारा मनरेगा और राज्य वित्त निधि से कराया गया था। निर्माण के कुछ समय बाद ही गांव के कुछ लोगों ने खड़ंजा उखाड़कर रास्ते को बाधित कर दिया। वर्ष 2012 में भी इसे पुनः बनवाने का प्रयास हुआ, लेकिन वह भी सफल नहीं हो सका। उस समय एसडीएम ने स्थलीय निरीक्षण के बाद रास्ते को बहाल करने के निर्देश दिए थे।
जांच में रास्ता सार्वजनिक घोषित
वर्तमान प्रधान द्वारा आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत किए जाने पर राजस्व टीम—लेखपाल, कानूनगो और नायब तहसीलदार—ने जांच कर स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि श्रेणी 6(2) के अंतर्गत सार्वजनिक रास्ता है।
प्रशासनिक कार्यवाही पर सवाल
बताया जा रहा है कि 22 मार्च 2026 को एसडीएम के आदेश के बाद राजस्व टीम और पुलिस बल को मौके पर पहुंचकर रास्ता बहाल कराना था। हालांकि, आरोप है कि कानूनगो द्वारा थाने में आमद दर्ज कराने के बाद पुलिस बल को गांव पहुंचने से पहले ही वापस भेज दिया गया। इस घटनाक्रम से ग्रामीणों में नाराजगी है।
प्रधान ने आरोपों को बताया निराधार
ग्राम प्रधान वसंत कुमार सिंह ने कहा, “रास्ता सरकारी अभिलेखों में दर्ज है और यह ग्रामीणों की सुविधा के लिए आवश्यक है। मेरे खिलाफ लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं और विकास कार्य को रोकने की साजिश हैं।”
ग्रामीणों की मांग
गांव के लोगों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि:
सरकारी रास्ते का सीमांकन कर तत्काल निर्माण कराया जाए।
आदेश के बावजूद कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो।
झूठा दुष्प्रचार करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

