धारा लक्ष्य समाचार पत्र
अमेठी। थाना जगदीशपुर क्षेत्र के निवासी, मान्यता प्राप्त पत्रकार एवं उत्तर प्रदेश जिला मान्यता प्राप्त पत्रकार समिति के प्रदेश संगठन मंत्री गंगेश पाठक द्वारा सोशल मीडिया पर उनके संबंध में प्रसारित कथित आपत्तिजनक, भ्रामक एवं प्रतिष्ठा प्रभावित करने वाली सामग्री के संबंध में संबंधित पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र प्रेषित कर निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक विधिक कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रार्थना-पत्र के अनुसार शिकायतकर्ता का कहना है कि विगत लगभग डेढ़ वर्ष से सोशल मीडिया के माध्यम से उनके संबंध में विभिन्न प्रकार की टिप्पणियां, आरोप, कटाक्ष एवं अन्य सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिससे उनकी सामाजिक एवं पेशागत प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।
शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि उक्त परिस्थितियों के कारण उन्हें एवं उनके परिवार को मानसिक एवं सामाजिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है शिकायतकर्ता द्वारा प्रकरण से संबंधित स्क्रीनशॉट, पोस्ट लिंक एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किए जाने का दावा किया गया है।
उनके अनुसार मामले की शिकायत थाना जगदीशपुर, जनसुनवाई पोर्टल तथा विभिन्न पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को प्रेषित की जा चुकी है। साथ ही संबंधित अभिलेख ई-मेल एवं स्पीड पोस्ट के माध्यम से भी भेजे गए हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि प्रकरण से संबंधित पत्रावली एवं साक्ष्य महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, माननीय केंद्रीय गृह मंत्री, गृह सचिव भारत सरकार, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), माननीय राज्यपाल उत्तर प्रदेश, माननीय मुख्यमंत्री, माननीय उपमुख्यमंत्रीगण, अपर मुख्य सचिव (गृह), उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश,
अपर पुलिस महानिदेशक (साइबर क्राइम), पुलिस महानिरीक्षक अयोध्या परिक्षेत्र, मंडलायुक्त अयोध्या मंडल, जिलाधिकारी अमेठी, पुलिस अधीक्षक अमेठी, अपर पुलिस अधीक्षक अमेठी, क्षेत्राधिकारी मुसाफिरखाना, साइबर सेल तथा अन्य संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में भी भेजे गए हैं।
प्रार्थना-पत्र में उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष साइबर एवं विधिक जांच कराए जाने, तथ्यों का परीक्षण किए जाने तथा लागू विधिक प्रावधानों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि उनकी शिकायत थाना जगदीशपुर में प्रस्तुत किए जाने के बावजूद समाचार लिखे जाने तक प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी उन्हें प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। शिकायतकर्ता का कहना है कि देश एवं प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा पत्रकारों की सुरक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तथा कानून के समक्ष समान न्याय की भावना पर निरंतर बल दिया जाता रहा है। इसी विश्वास के साथ उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले का निष्पक्ष परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने का अनुरोध किया है ।
उल्लेखनीय है कि मामला वर्तमान में शिकायत एवं जांच के स्तर पर है। किसी भी पक्ष के संबंध में अंतिम निष्कर्ष सक्षम प्राधिकारी द्वारा जांच पूर्ण होने तथा उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के उपरांत ही निर्धारित किया जाएगा। संबंधित प्रकरण में समाचार लिखे जाने तक किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा अंतिम निष्कर्ष अथवा दोष निर्धारण की सूचना सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है।
