ग्रामीणों ने डीएम को दिया प्रार्थना पत्र, राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की उठाई मांग।
जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली से
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
रायबरेली। सदर तहसील क्षेत्र के ग्राम लोहानीपुर में ग्रामसभा की भूमि को लेकर विवाद सामने आया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया है कि मंदिर के लिए सुरक्षित ग्रामसभा की भूमि के राजस्व अभिलेखों में फर्जी तरीके से निजी व्यक्तियों का नाम संक्रमणीय भूमिधर के रूप में दर्ज करा लिया गया है।
मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है।ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम लोहानीपुर की गाटा संख्या-16, रकबा 0.0380 हेक्टेयर भूमि बंदोबस्त सोयम तथा खसरा 1359 फसली में श्रेणी 6(2) के अंतर्गत आबादी, सड़क एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि के रूप में दर्ज है। उनका दावा है कि उक्त भूमि को गांव के लोगों ने मंदिर के लिए सुरक्षित रखा था।
आरोप है कि बिना किसी वैधानिक अधिकार और बिना भूमि की श्रेणी परिवर्तन किए कुछ लोगों ने फर्जी तरीके से अपना नाम संक्रमणीय भूमिधर श्रेणी 1-क में दर्ज करा लिया, जिससे सार्वजनिक भूमि पर कब्जे की आशंका उत्पन्न हो गई है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच के लिए सक्षम अधिकारियों की टीम गठित कराई जाए।
यदि जांच में राजस्व अभिलेखों में फर्जी अंकन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रविष्टियों को निरस्त करते हुए भूमि को पुनः उसके मूल स्वरूप में दर्ज कराया जाए तथा दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए।शिकायतकर्ता हिमकर दीक्षित सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि यह मामला जनहित से जुड़ा है और सार्वजनिक उपयोग की भूमि को अवैध कब्जे से बचाने के लिए प्रशासन का शीघ्र हस्तक्षेप आवश्यक है।
फिलहाल मामले में प्रशासन की ओर से जांच कराए जाने की प्रक्रिया का इंतजार है।
