मनोज चौधरी जिला प्रभारी शामली
शामली। शुक्रवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने आतंकी हमले के विरोध में अपने प्रतिष्ठान बंद रख विरोध किया। मुस्लिमों ने जुमे की नमाज में भी देश में अमन चैन कायम रखने की दुआ मांगी तो कही कैंडल मार्च तो कही आतंकवाद का पुतला दहन किया गया। उन्होने भारत सरकार से आतंवाद के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की।
शहर के मौहल्ला आजाद चौक स्थित मस्जिद कुरैशियान के इमाम मुफ़्ती मोहम्मद जुबैर क़ासमी ने जुमे की नमाज में कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में 22 अप्रैल को हुए नृशंस और रोंगटे खड़े कर देने वाले आतंकवादी हमले की कठोरतम शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह हमला न केवल निर्दाेष नागरिकों पर एक कायराना वार है, बल्कि यह सम्पूर्ण मानवता पर हमला है। उन्होने भारत सरकार से मांग की है कि ऐसे दरिंदों के साथ किसी भी प्रकार की नरमी न बरती जाए।
उन्हें शीघ्र गिरफ़्तार कर खुली अदालत में मुक़दमा चलाया जाए और दोष सिद्ध होने पर फांसी की सज़ा दी जाए। ऐसी घिनौनी हरकतों के लिए केवल कार्रवाई जैसे शब्द अपर्याप्त हैं। अपराधी कठोर से कठोर दंड के पात्र हैं। वही दूसरी ओर पहलगाम मंे आतंकी हमले के विरोध में शहर के फव्वारा चौक, कबाडी बाजार, आजाद चौक में मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद कर विरोध किया।
मुस्लिम समाज के लोगों ने देर शाम वीर अब्दुल हमीद स्मारक से लेकर दिल्ली रोड होते हुए जामा मस्जिद तक कैंडल मार्च निकाला। मुस्लिम समाज के लोगों ने कायराना हरकत करने वाले आतंकियों को कठोर से कठोर सजा देने की मांग की। जुमे की नमाज में भी मुस्लिमों ने देश में अमन चैन कायम रखने की दुआ मांगी। इसके अलावा कस्बा बनत में मुस्लिमों ने आतंकवाद का पुतला दहन करते हुए आतंकवाद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उन्होने बेगुनाह लोगों को मारने वाले आतंकियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की। इस अवसर पर समाजसेवी फारूख अहमद, फिरोज खान, असलम चौधरी, डा. अमजद खान, डा. अरशद सिददीकी, जब्बार चौधरी, शाहनवाज, सरफाराज कुरैशी आदि मौजूद रहे।

