धारा लक्ष्य समाचार श्रवण कुमार सिंह
लखीमपुर (खीरी)।लगभग पच्चीस वर्षों से अल्प मानदेय पर बेसिक शिक्षा विभाग की बुनियाद को मजबूत बनाने में जुटे प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों के परिवार आज भुखमरी की कगार पर हैं,सामान्य मजदूर से कम दिहाड़ी यानी दस हजार रुपए मासिक मानदेय में आज के इस भीषण महंगाई के दौर में पेट पालना,बच्चों की पढ़ाई लिखाई, बीमारी,शादी विवाह आदि जरुरी कामों को कैसे निपटाया जा सकता हैं।यह यक्ष प्रश्न हैं ।
जिसका निस्तारण का रास्ता सिर्फ प्रदेश सरकार के पास है लेकिन हजारों शिक्षामित्रों की शहादत के बावजूद अभी तक योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस गंभीर समस्या से मुंह मोड़ रखा हैं,गत शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के पलिया आगमन पर आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों के विनियमतीकरण के संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर शिक्षामित्रों की समस्याएं तुरंत दूर करने की मांग की।
ज्ञापन के अनुसार वर्ष 2001 से प्रदेश में बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित विद्यालयों में लाखों शिक्षामित्र अल्प मानदेय पर अपनी जिंदगी और परिवार की परवाह न करते हुए बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं,शिक्षण कार्य के इतर भी उन्हें अन्य विभागीय काम करने पड़ते हैं।जो शिक्षा मित्र अवसाद न झेल पाने की वजह से मृत्यु का वरण कर चुके हैं।उनके घर की दशा देखकर रुह कांप जाती हैं,
लेकिन जो शिक्षा मित्र कार्यरत हैं उनकी दुर्दशा हो चुकी हैं,विचारणीय हैं कि मार्च और अप्रैल से बेसिक कोटे के शिक्षा मित्रों को मानदेय नहीं मिला है ऐसी दुर्गम परिस्थिति में शिक्षा मित्र अपने परिवार की गाड़ी कैसे चलाते हैं। इसकी सिर्फ कल्पना की जा सकती हैं।ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 309 का हवाला देकर शिक्षा मित्रों के विनियमती करण की मांग की गई हैं।
ज्ञापन दाताओं में जिला अध्यक्ष संजय मिश्रा जिला महामंत्री राजेश कुमार जिला संगठन मंत्री सुधीर अवस्थी,जय कृष्ण शुक्ला रामनरेश राज,संतोष मिश्रा, श्रीमती प्रभास श्रीवास्तव, माधुरी कनौजिया,कमलेश संखवार तथा जिला मीडिया प्रभारी सौरभ कुमार प्रजापति शामिल रहे। दो महीने से मानदेय न मिलने की वजह से बेसिक कोटे के शिक्षामित्र भुखमरी की कगार पर,बात मुख्यमंत्री तक पहुंची जिले में कार्यरत बेसिक कोट के सैकड़ो शिक्षामित्रों को दो माह बीत जाने के बावजूद मानदेय न मिलने की वजह से परिस्थितियां अत्यंत विषम हो गई हैं।
इन इन शिक्षामित्र के परिवार वास्तविकता में भुखमरी से जूझ रहे हैं जबकि संविधान के मौलिक अधिकारों के अंतर्गत जीवन जीने की राह सबके लिए प्रशस्त की गई हैं।जानकारी के अनुसार मार्च में क्लोजिंग की वजह से बेसिक की ग्रांट जारी नहीं हुई,लेकिन समग्र शिक्षा वाले शिक्षामित्रों की ग्रांट भी आई और सभी को मानदेय भुगतान किया जा चुका हैं।
शिक्षा मित्र संघ द्वारा बेसिक कोटे के शिक्षामित्रों को मानदेय न मिलने की समस्या मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाई जा चुकी हैं।सभी सभी शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बेसिक कोटे के शिक्षामित्रों को मानदेय शीघ्र दिलवाले की पुरजोर जोर मांग की हैं।

