धारा लक्ष्य समाचार विनय कुमार
बलरामपुर ब्यूरो चीफ उतरौला क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में कराए गए सड़क निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। उतरौला विकास मंच के अध्यक्ष आदिल हुसैन ने इस संबंध में गंभीर आरोप लगाते हुए विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उतरौला विकास मंच की ओर से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, उपजिलाधिकारी उतरौला सहित संबंधित विभागों को लिखित शिकायत पत्र सौंपा गया है, जिसमें सड़क निर्माण कार्यों में मानक और गुणवत्ता की घोर अनदेखी का आरोप लगाया गया है।
पत्र में चार महत्वपूर्ण ग्रामीण मार्गों ग्राम पिपराराम के नगरिया रोड लगभग एक किलोमीटर लंबे इस मार्ग का निर्माण मानकविहीन तरीके से किया गया, जिससे सड़क बनने के कुछ ही दिनों बाद टूट-फूट शुरू हो गई।, ग्राम बकसरिया से ग्राम मिर्जापुर लगभग 1.75 किलोमीटर की इस सड़क का निर्माण ग्रामीणों के विरोध के बावजूद जल्दबाजी में किया गया।
सड़क बनने के कुछ ही समय बाद दरारें पड़ने लगीं, परंतु विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया। ग्राम उपरौला से ग्राम तिलहर मार्ग इस सड़क के निर्माण में ठेकेदार द्वारा मानक और गुणवत्ता की पूरी तरह अनदेखी की गई।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान विभाग का कोई भी तकनीकी अधिकारी या जेई (जूनियर इंजीनियर) मौके पर उपस्थित नहीं था। केवल बेलदारों के सहारे सड़क का निर्माण कर दिया गया। और ग्राम रेहरामाफी मार्ग सड़क निर्माण के कुछ ही दिनों बाद गड्ढों में तब्दील हो गई,
परंतु विभाग की ओर से आज तक कोई कार्यवाही नहीं की गई का जिक्र किया गया है, जहां निर्माण के तुरंत बाद ही सड़कें क्षतिग्रस्त होने लगीं।
आदिल हुसैन ने आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के दौरान तकनीकी कर्मियों की अनुपस्थिति और ठेकेदार की मनमानी से निर्माण कार्य में बड़ी अनियमितताएं हुई हैं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से संपर्क करने के बाद भी कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय, उपजिलाधिकारी और लोक निर्माण विभाग से इन सभी सड़कों की जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। आदिल हुसैन ने कहा कि यदि जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी विभाग मौन बना हुआ है, जिससे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को बढ़ावा मिल रहा है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न दोहराई जाए।

