Dhara lkshya samchar
बाराबंकी। लाइनपुरवा स्थित स्व. कल्बे अब्बास के अज़ाखाने से निकलने वाला सालाना जुलूस अपने रवायती अंदाज में निकला। जुलूस का आगाज़ तिलावते कलामें पाक़ से किया गया। मजलिस को मौलाना यासूब अब्बास द्वारा संबोधित किया गया। मजलिस के बाद जुलूस परंपरागत रूप में निकला।
इसमें अलम-ए-मुबारक, ताबूते अली अकबर, गहवार-ए-अली असग़र की ज़ियारत कराई गई। जुलूस में हिंदुस्तान की मशहूर अन्जुमन हिन्दू नौहाखान छोटे लाल, अन्जुमन-ए-हुसैनिया क़दीम पिहानी हरदोई, हिन्दू नौहाखान राजकुमार पाण्डेय अन्जुमन-ए- असगरिया कानपुर गाजीपुर, अन्जुमन बक़र हैदरी कश्मीरी मोहल्ला लखनऊ, अन्जुमन पैग़ामे हुसैनिया जैदपुर, बाराबंकी, अन्जुमन फ़रोगे अज़ा बाराबंकी, अन्जुमन इमामिया क़दीम बाराबंकी, अन्जुमन ग़ुलामे अस्करी बाराबंकी ने अपने मख़सूस अंदाज़ में नौहाख्वानी और सीनाजनी की।
जुलूस अपने निर्धारित मार्ग से लाइनपुरवा से देवा रोड, रफ़ी नगर मोहल्ले होते हुए। देर रात लाइन पुरवा स्व० अली शब्बर के अज़खाने में पहुँचकर समाप्त हुआ जिसकी अलविदाई मजलिस को अली अब्बास संबोधित किया। अकबर मेंहदी, बाबर मेंहदी, सिकंदर अब्बास, शब्बर रिज़वी और खानवाद-ए-अली शब्बर के परिवार ने सभी मोमिनीन, मोमिनात और मातमी अंजुमनों का आभार व्यक्त किया।

