राजनैतिक गुलामी से आजाद हो रहे हैं नौजवानों व समाज का एक बड़ा तबका, मुस्लिमों के नाम पर वोट वसूलने वाले दलों में हड़कम्प
धारा लक्ष्य समाचार
बाराबंकी। आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम राईन ने कहा कि कांग्रेस से ज्यादा भेदभाव की राजनीति शायद ही किसी ने की हो और अंग्रेजों की तर्ज पर फूट डालो और राज करो इनका मूल मंत्र रहा वरना आज दलित मुसलमान व ईसाई भी अनुसूचित जाति में शामिल होकर समानता के अधिकार का डंका बजा रहा होता। उन्होंने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति से मांग की है कि हिन्दू, सिख व बौद्ध की भाति दलित मुस्लिम व ईसाई को भी अनुसूचित जाति में सम्मिलित किया जाए,
ताकि समानता के अधिकार को मूर्त रूप दिया जा सके और इन जातियों को भी उनके हक व हुकूक हासिल हो सकें। आल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष वसीम राईन ने देश की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जिलाधिकारी के माध्यम से भेजे गए पत्र में उक्त मांग रखी है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने कहा है कि काग्रेस का दलित मुस्लिम विरोधी चेहरा उजागर हो गया। उसे सिर्फ विदेशी अशराफ मुस्लिम हमेशा रास आते रहे। विशुद्ध दलित मुसलमान को उनके हक से वंचित रखा गया।
उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ हिंदू दलित को अनुसूचित जाति का लाभ दिया गया। दूसरे धर्म के मानने वालों को अनुसूचित जाति का लाभ लेने से वंचित कर दिया गया है। सिखों को 1956 में और बौद्धों को 1990 में उसका लाभ मिला लेकिन मुसलमान और ईसाई आज तक इस लाभ से वंचित हैं। दलित तो दलित है, उसका धार्मिक विश्वास और पूरा कुछ भी हो क्या यही सामान नागरिकता का संदेश है? यदि ऐसा है ।
तो समानता में असमानता मौलिक अधिकार का हनन है और जो भारतीय संविधान के खिलाफ वर्जी और संविधान विरुद्ध है। इस अवसर पर हाजी नूरुल हसन अंसारी, जावेद राईन, मोहम्मद सादाब, कारी मकबूल, नदीम राईन, रऊफ राईन, गुफरान राईन, अब्दुल्ला राईन, गुलजार कुरैशी, अनीस राईन, निसार राईन, खलील राईन, सद्दाम इद्रीशी, इमरान राईन, इस्लामुद्दीन, मोहम्मद शादाब अंसारी, मोहम्मद कौनेन अंसारी, मोहम्मद अयाज अंसारी, कुतुबुद्दीन राईन, शफीक राईन, जावेद जमाल आदि सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
बाक्स
मोदी सरकार ने गठित किया आयोग, मिलेगा पसमांदा समाज को लाभ: वसीम राईन
वसीम राईन ने कहा कि मांगों की प्रतिपूर्ति राष्ट्रपति के स्वविवेक पर आधारित है। इसे स्वीकार किये जाने से सभी पसमांदा समाज के नागरिकों की सच्ची समाजवादी सहानुभूति एवं विचारों का प्रकटीकरण हो होगा साथ ही दलित मुसलमानों और दलित दलित ईसाइयों की तरक्की का रास्ता खुलेगा। इसलिए उक्त मांग की स्वीकृति एवं संस्तुति प्रदान की जाए।
इस मौके पर संगठन के मोदी सरकार ने आर्टिकल 341 पर एक आयोग गठित किया है कांग्रेस ने 80 साल से कुछ नहीं किया था अब दलित पसमांदा मुसलमानों को काफ़ी उम्मीद हैं मोदी जी से की हम लोगो के साथ इंसाफ़ होगा।

