धारा लक्ष्य समाचार पत्र नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमूर्त विरासत को मानवता की साझा पूंजी बताते हुए कहा है कि परंपराएं, भाषाएं, संगीत, शिल्पकला और अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के अन्य स्वरूप मानव संस्कृति की सबसे लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति है, जो सभी की साझा संपत्ति है तथा सभी के द्वारा संरक्षित की जाती है। डॉ. जयशंकर ने 7 दिसंबर को लाल किले में आयोजित अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर यूनेस्को की महत्वपूर्ण बैठक के उद्घाटन समारोह में यूनेस्को की भूमिका को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया और…
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