जेई, एसडीओ, एक्सईएन की आँखों के सामने खुली लूट; क्या प्रशासन डर गया या बिक गया?
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
बाराबंकी:- बाराबंकी जनपद में नहर विभाग के अधिकारियों की भ्रष्टाचार और मिलीभगत ने न केवल सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं, बल्कि पैसों के लालच में सैकड़ों ग्रामीणों और मासूम स्कूली बच्चों के जीवन को गंभीर खतरे में डाल दिया है। सिल्ट सफाई के नाम पर बालू उठाने का टेंडर जारी हुआ, लेकिन यह कार्य पूरी तरह से अवैध खनन में बदल चुका है।
बिना रॉयल्टी खनन: ‘तालाशाही’ अधिकारियों की खुली पोल
यह पूरा मामला नहर विभाग के तानाशाह और भ्रष्ट कर्मचारियों—जेई, एसडीओ, और एक्सईएन—की कार्यशैली पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है। जानकारी के अनुसार, खनन बिना किसी वैध रॉयल्टी (परिवहन परमिट) के चल रहा है।
शर्मनाक दृश्य: जब तीनों उच्च अधिकारी ‘जाँच’ के लिए कोठी थाना क्षेत्र के चाँदपुर गाँव के पास नवाबगंज राजबहा माइनर पहुँचे, तो खनन माफिया का ट्रैक्टर ट्रॉली खुलेआम बालू भरकर उनके सामने से फरार हो गया। तीनों अधिकारी मूर्ख दर्शक बने देखते रहे। यह ‘अनजान बनने का नाटक’ साफ तौर पर गहरी सांठगांठ और ऊपरी लेनदेन की ओर इशारा करता है।
जनता का जीवन खतरे में: 4 स्कूलों के बच्चे झेल रहे ‘धूल का बवंडर‘
इस अवैध खनन का सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता भुगत रही है।
बच्चों पर सीधा हमला: खनन माफिया बेख़ौफ़ होकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बालू भरकर निकलते हैं, जिससे सड़कों पर धूल और बालू का बगूला उड़ता है। पास में स्थित चार विद्यालयों के बच्चों की आँखों में लगातार बालू पड़ रहा है, जिससे कई हादसे हो चुके हैं और स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
जान का जोखिम: ग्रामीणों और शिक्षकों को अपनी रोज़ी-रोटी के लिए इसी रास्ते से गुजरना पड़ता है, लेकिन यह रास्ता अब जानलेवा बन चुका है। खनन माफिया ने पूरे जिले में एक खूंखार कब्ज़ा जमा रखा है। जेई अलीम पर गंभीर आरोप, एसडीएम को भी किया गुमराह
ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि नहर विभाग के जेई अलीम की सीधी मिलीभगत से यह ‘काला कारोबार’ चल रहा है।
मामले की शिकायत एसडीएम हैदरगढ़ राजेश विश्वकर्मा से की गई, जिन्होंने तत्काल खनन बंद करवाने का निर्देश दिया।
मगर, ग्रामीणों का आरोप है कि जेई अलीम ने एसडीएम को भी फर्जी रिपोर्ट देकर गुमराह किया और खनन जारी रखा।
यह घटनाक्रम साफ़ दर्शाता है कि जेई अलीम उच्च अधिकारियों की आँखों में धड़ल्ले से धूल झोंक रहे हैं और सिस्टम को फेल कर रहे हैं।
आखिर क्यों मौन है प्रशासन?
सवाल केवल जेई अलीम का नहीं है। जब एसडीएम के आदेश के बाद भी खनन जारी है और जेई-एसडीओ-एक्सईएन की मौजूदगी में माफिया फरार होता है, तो यह स्पष्ट है कि इस पूरे खेल के पीछे नहर विभाग के उच्च अधिकारियों का भी हाथ है।
सवाल प्रशासन से:
आखिर क्यों जिले के जिम्मेदार प्रशासनिक और खनन विभाग के अधिकारी इन भ्रष्ट अधिकारियों और माफिया के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं?
क्या सिस्टम में बैठे लोग इस माफिया से डर रहे हैं या उन्हें खरीद लिया गया है?
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद ही ये ‘कुर्सी लाल’ अधिकारी जागेंगे?
जिलाधिकारी को इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेकर न केवल अवैध खनन बंद करवाना चाहिए, बल्कि जेई अलीम सहित मौके पर मौजूद सभी भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ तत्काल निलंबन और जाँच के आदेश देने चाहिए।

