धारा लक्ष्य समाचार पत्र
क्षेत्र के विकास की दिशा में यह एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
पूर्व सांसद बैजनाथ रावत द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन पुलों के निर्माण की मांग की गई थी, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से क्षेत्र की जनता में खुशी की लहर दौड़ गई है।
बताया जा रहा है कि गोमती नदी के कारण आसपास के कई गांवों और कस्बों के लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पुल न होने के कारण लोगों को लंबा चक्कर लगाकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। विशेषकर विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
पूर्व सांसद बैजनाथ रावत ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से वस्तुस्थिति से अवगत कराया था। उन्होंने पत्र में पुलों के निर्माण से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक लाभों को रेखांकित किया था। मुख्यमंत्री द्वारा मांग को स्वीकार किए जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने बैजनाथ रावत का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें बधाइयाँ दी हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन पुलों के निर्माण से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी। व्यापारिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी और ग्रामीण क्षेत्रों का शहरों से सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा। इसके साथ ही आपातकालीन सेवाओं को भी समय पर पहुंचने में सुविधा मिलेगी।
क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा और निर्धारित समय सीमा में पुल बनकर तैयार होंगे। यह परियोजना निश्चित रूप से गोमती नदी से जुड़े इलाकों के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित होगी।इस पुल के निर्माण से दो सौ से अधिक गांवों के निवासियों को फायदा मिलेगा और लम्बी दूरी से निजात मिलेगी।
32 करोड़31 लाख 44 हजार रुपये की स्वकृति से 197 मीटर का पुल बनेगा इस पुल के निर्माण को लेकर नागरिकों ने सत्याग्रह जल ग्रह सहित काफी आंदोलन किया था इस समस्याओं को देखते हुए 20,9,2024 को तथा बाद में कई प्रस्ताव पूर्व सांसद ने मुख्यमंत्री को दिया यही नही पहाडा पुर का भी प्रस्ताव भेजा था।
दोनों प्रस्तावित पुलों में बाबा टीकाराम घाट की स्वकृति शिवकुमार अनु सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने द्वारा अभियन्ता लोक निर्माण विभाग विभागाध्यक्ष को वित्तीय वर्ष 2025,2026 अनुदान संख्या 57/83 के अधीन नाबार्ड वित्त पोषित योजना अंतर्गत सेतु परियोजना की स्वकृति दी गई है ।

