Sitapur UP: सीतापुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतर्जनपदीय जीएसटी चोरी गिरोह का भंडाफोड़, 7 शातिर गिरफ्तार

60–70 फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों की टैक्स चोरी, 8 लाख नकदी समेत भारी मात्रा में उपकरण बरामद।

धारा लक्ष्य समाचार

शफीक अहमद

सीतापुर। सीतापुर में एसओजी एवं खैराबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतर्जनपदीय जीएसटी चोरी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सात शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कई वर्षों से फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी कर सरकार को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचा रहा था।

पुलिस ने ग्राम असोथर के पास छापेमारी कर मो. आसिफ, अनवारुल हक, मो. अम्मार, उजैर, अब्दुल नासिर, जीशान और मो. आरिफ को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी कम पढ़े-लिखे व गरीब लोगों को सरकारी लाभ का लालच देकर उनके आधार कार्ड, पहचान पत्र और बैंक दस्तावेज हासिल करते थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उनके नाम पर फर्जी फर्में पंजीकृत कराई जातीं, बैंक खाते खुलवाए जाते और लकड़ी व्यापार के नाम पर फर्जी बिल व टैक्स इनवाइस जारी कर जीएसटी चोरी की जाती थी।

60–70 बोगस फर्मों के संचालन की कबूलियत

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने लगभग 60 से 70 फर्जी/बोगस फर्मों के संचालन की बात स्वीकार की है। हाल ही में एक खाता धारक द्वारा खैराबाद थाने में मुकदमा दर्ज कराए जाने के बाद गिरोह अपने लैपटॉप, हार्ड डिस्क, मोबाइल, मोहर, चेक बुक और नकदी लेकर फरार होने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।

नकदी, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और वाहन बरामद

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—

08 लाख रुपये नकद,

05 लैपटॉप, 37 मोबाइल फोन, 02 हार्ड डिस्क,

80 सिम कार्ड, 37 एटीएम कार्ड,

39 स्टैम्प, 18 बिल बुक,

10 पैन कार्ड, 10 बैंक पासबुक,

57 चेक बुक, 135 चेक,

09 डिजिटल सिग्नेचर यूएसबी,

651 फर्जी टैक्स इनवाइस/ई-वे बिल,

आधार-पैन की छायाप्रतियाँ, किरायानामा

तथा दो कारें (UP14DU6823 व UP32LK7511) बरामद की हैं।

मुकदमा दर्ज, जांच अन्य जिलों तक विस्तृत

पुलिस ने सभी सातों अभियुक्तों के विरुद्ध धारा 336(3), 338, 318(4), 319(2), 340(2), 111 बीएनएस के तहत मुकदमा पंजीकृत कर उन्हें न्यायालय भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह की गतिविधियाँ अन्य जनपदों तक फैली होने की आशंका है, जिसकी गहन जांच की जा रही है।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आर्थिक अपराधों के विरुद्ध अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।

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