ऐतिहासिक धरोहर को लाइब्रेरी या म्यूजियम के रूप में विकसित करने की तैयारी।
धारा लक्ष्य समाचार
शफीक अहमद
सीतापुर। शहर की ऐतिहासिक धरोहर रम्पा महल को जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूरी तरह कब्जा मुक्त करा लिया है। नजूल भूमि पर बने इस भवन पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था, जिसे जिलाधिकारी के निर्देश पर हटाया गया। तहसीलदार सदर अतुल सिंह ने बताया कि रम्पा महल सरकारी नजूल भूमि पर स्थित है,
जिस पर मनोरमा शुक्ला व शकील द्वारा आवासीय और व्यावसायिक उपयोग के लिए कब्जा किया गया था। नगर पालिका की ओर से 8 जनवरी को नोटिस जारी कर 15 दिन का समय दिया गया था, जिसके बाद दोनों ने स्वेच्छा से हॉल खाली कर चाबियां प्रशासन को सौंप दीं।
कार्रवाई के दौरान हॉल के बाहर चांद नामक व्यक्ति का रखा गया मामूली सामान पाया गया, जिसे बातचीत के बाद स्वयं हटा लिया गया। इसके साथ ही पूरा रम्पा महल प्रशासनिक नियंत्रण में आ गया। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि दोबारा कब्जा करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और इसके लिए चेतावनी बोर्ड भी लगाया जा रहा है।
प्रशासन ने आसपास के दुकानदारों और रहवासियों को राहत देते हुए स्पष्ट किया कि केवल हॉल को ही कब्जा मुक्त किया गया है, अन्य लोग प्रभावित नहीं होंगे। आगे एक किराया मानक तय कर उसका भुगतान नैमिषारण्य ट्रस्ट को कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र के विकास में सहयोग मिल सके। जिलाधिकारी ने संकेत दिए हैं कि रम्पा महल को लाइब्रेरी या म्यूजियम के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है,
जिससे इस ऐतिहासिक धरोहर का संरक्षण होने के साथ-साथ शहर को एक नई सांस्कृतिक पहचान मिल।

