बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शपथ व जागरूकता कार्यक्रम, डीएम ने राजस्व अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश।
धारा लक्ष्य समाचार
शफीक अहमद
सीतापुर। जिले में सामाजिक सुधार और प्रशासनिक सुदृढ़ता की दिशा में सोमवार को दो अहम गतिविधियां आयोजित की गईं। जिलाधिकारी के आदेशानुसार जिला प्रोबेशन अधिकारी प्रिया पटेल के निर्देशन में महिला कल्याण विभाग एवं हब फॉर इंपावरमेंट ऑफ विमेन की टीम ने बाल विवाह मुक्त भारत 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की जानकारी देते हुए बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है तथा यह कानूनन दंडनीय अपराध है, जिसमें जुर्माना और कारावास का प्रावधान है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों ने बाल विवाह रोकथाम की शपथ ली। साथ ही लड़कियों की न्यूनतम विवाह आयु 18 वर्ष और लड़कों की 21 वर्ष सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। शक्ति संवाद, पंपलेट वितरण और ट्रिपल ए मीटिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया गया।
इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी राजागणपति आर. की अध्यक्षता में राजस्व कार्यों की व्यापक समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में नामान्तरण, वरासत, सीमांकन, भूमि विवाद, राजस्व वसूली और जनशिकायतों की प्रगति की समीक्षा करते हुए डीएम ने सभी लंबित मामलों के शीघ्र और समयबद्ध निस्तारण के कड़े निर्देश दिए।
उन्होंने अवैध प्लाटिंग पर रोक, आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण और बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि गरीबों को अनावश्यक रूप से परेशान करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

