श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुव्यवस्था प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता: डीएम
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
बाराबंकी उत्तर प्रदेश :- आगामी महादेवा शिवरात्रि (फाल्गुनी मेला–2026), जो कि 05 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक आयोजित होगा, के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री शशांक त्रिपाठी द्वारा सोमवार को लोधेश्वर महादेवा मंदिर का व्यापक स्थलीय निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण की शुरुआत बोहनिया तालाब से की गई जहाँ जिलाधिकारी ने स्नान व्यवस्था, स्वच्छता, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंधों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ जल की निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
महिलाओं हेतु पृथक चेंजिंग रूम, महिला एवं पुरुषों के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय तथा पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए। स्नान स्थलों पर प्रशिक्षित गोताखोरों की सतत तैनाती के भी निर्देश दिए गए।
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इसके पश्चात जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर एवं दर्शन पथ का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रयुक्त बल्लियाँ मजबूत, टिकाऊ एवं मानक के अनुरूप हों, जिससे अधिक भीड़ की स्थिति में किसी प्रकार की दुर्घटना की संभावना न रहे। मंदिर परिसर में पड़ी निर्माण सामग्री एवं मलबे को तत्काल हटवाने तथा पूरे क्षेत्र में नियमित सफाई हेतु डेडिकेटेड सफाई कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मंदिर परिसर एवं सभी संवेदनशील स्थलों पर उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ, जिनकी निगरानी एकीकृत नियंत्रण कक्ष से की जाए। विद्युत विभाग को निर्देशित किया गया कि सभी विद्युत पोलों को सुरक्षा की दृष्टि से ढका जाए तथा मेला क्षेत्र एवं संपर्क मार्गों पर निर्बाध एवं पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि मेला अवधि के दौरान सभी संभावित भीड़ वाले स्थलों पर प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए जाएँ। पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ एवं आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
फूड सेफ्टी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में संचालित सभी खाद्य एवं पेय पदार्थ विक्रेताओं की नियमित जांच की जाए। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। मिलावटी अथवा अमानक खाद्य सामग्री के विक्रय पर सख्त कार्रवाई की जाए।इसके साथ ही जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक का पूर्णतया प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए।
पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि मेला क्षेत्र से जुड़े सभी संभावित मार्गों पर पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। सभी पार्किंग स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, यातायात नियंत्रण एवं आवश्यक संकेतक (साइन बोर्ड) की समुचित व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
निरीक्षण के उपरांत महादेवा पुलिस चौकी में सभी विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मेला प्रारंभ होने से पूर्व सभी व्यवस्थाएँ पूर्ण रूप से क्रियान्वित होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान चिन्हित कमियों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल दूर किया जाए।इस अवसर पर उपस्थित सम्मानित नागरिकों एवं पत्रकार बंधुओं से जिलाधिकारी द्वारा सुझाव भी लिए गए तथा प्राप्त उपयोगी सुझावों को अमल में लाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
इस दौरान बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए अधिकारियों यथा अधिशासी अभियंता,नलकूप, खाद्य सुरक्षा अधिकारी तथा जिला युवा कल्याण अधिकारी के विरुद्ध जिलाधिकारी द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने एवं वेतन बाधित करने के निर्देश दिए गए।
अंत में जिलाधिकारी द्वारा सिमली नदी घाट सहित अन्य प्रमुख घाटों का भी स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी घाटों पर स्नान, सुरक्षा, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था एवं भीड़ नियंत्रण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वि./रा. निरंकार सिंह,एएसपी उत्तरी विकास चंद्र त्रिपाठी जॉइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी रामनगर सुश्री गुंजिता अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, नगर पंचायत, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, विद्युत, अग्निशमन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

