धारा लक्ष्य समाचार पत्र
अमेठी। प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर साही स्नान को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी से हुए विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। आरोप है कि मेला प्रशासन द्वारा शंकराचार्य को स्नान से रोका गया तथा उनके शिष्यों पर दबाव बनाया गया, जिससे साधु-संत समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मामले के सामने आते ही यह विवाद प्रशासनिक दायरे से निकलकर धार्मिक और राजनीतिक मुद्दे के रूप में उभर आया।
समाजवादी पार्टी ने मेला प्रशासन के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्वयं शंकराचार्य से फोन पर वार्ता कर समर्थन जताया, जिसके बाद देशभर में साधु-संतों और समर्थकों के विरोध प्रदर्शन तेज हो गए।
इस विवाद का असर अमेठी जनपद में भी साफ दिखाई दिया। सपा महिला जिला अध्यक्ष गुंजन सिंह के नेतृत्व में भाजपा नेताओं की “बुद्धि शुद्धि” के लिए मंदिर में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि “भगवान भाजपाइयों को सद्बुद्धि दें और मेला प्रशासन व भाजपा नेता शंकराचार्य से अविलंब सार्वजनिक माफी मांगें।”
सपा नेताओं का कहना है कि सनातन परंपराओं और धर्मगुरुओं का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम ने सरकार और प्रशासन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल यह मामला श्रद्धा, सम्मान और सत्ता की राजनीति से जुड़कर एक बड़े आंदोलन का रूप लेता जा रहा है, जिस पर पूरे प्रदेश की निगाहें टिकी हुई।

