पुराने आयकर कानून 1961 का अस्तित्व सरकार ने किया समाप्त,नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत सभी करदाता अपनी आयकर विवरणी करेंगे दाखिल – सीए जय प्रद्धवानी ||
दिल्ली से सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनने से वाराणसी को बहुत फ़ायदा होना लाज़मी है – सीए जय प्रद्धवानी ||
वाराणसी :- आईसीएआई वाराणसी के पूर्व अध्यक्ष सीए जय प्रद्धवानी ने मिडिया से वार्ता कर बताया की एक फ़रवरी रविवार को पेश किये केंद्रीय बजट सरकार के लांग टर्म विज़न को दिखलाता है | सरकार ने बजट प्रस्तुति में लोक लुभावनी घोषणायें ना करके ग्रोथ पर अपना फोकस केंद्रित किया है अब नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के तहत सभी करदाता अपनी आयकर विवरणी दाखिल करेंगे | पुराने आयकर कानून 1961 का अस्तित्व सरकार ने समाप्त कर दिया है | वित्तमंत्री सीतारमण का यह ऐतिहासिक बजट कहलायेगा पूरी तरह से ग्रोथ ओरिएंटेड बजट उन्होंने पेश किया है जो देश की अर्थव्यवस्था को तेज़ी के साथ आगे ले जाने का काम करेगा | नए इनकम टैक्स एक्ट 2025 के प्रावधान काफ़ी सरल भाषा में लिखे गए है जो की एक आम आदमी को भी आसानी से समझ में आ जाने चाहिए | टैक्स स्लैब में कोई भी परिवर्तन नहीं किया गया है जिसका मतलब हुआ कि अगले वितीय वर्ष 2026 -27 में जिसकी भी इनकम बारह लाख रुपए तक की होगी उसे एक रुपया भी इनकम टैक्स नहीं भरना पड़ेगा | सैलरी वालो की आमदनी अगर 12.75 लाख तक की रहती है तो भी उनको कोई भी आयकर नहीं लगेगी | इस वर्ष वित्तीय घाटा 4.4 प्रतिशत का अनुमानित है और अगले वर्ष का वित्तीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखा है वित्त मंत्री ने जिसे वो बाज़ार से क़र्ज़ ले कर पूरा करेंगी |बारह लाख रुपए के कैपिटल निवेश की घोषणा निश्चित ही स्वागत योग्य है इससे रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और इकोनॉमी को ग्रोथ का ज़बरदस्त बूस्ट मिलेगा | दिल्ली से सिलीगुड़ी हाई स्पीड रेलवे कॉरिडोर बनने से वाराणसी को बहुत फ़ायदा होना लाज़मी है ||

