अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रो० निशा सिंह की सशक्त उपस्थिति।
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के अंग्रेज़ी एवं अन्य विदेशी भाषा विभाग की प्रख्यात शिक्षाविद् प्रो० निशा सिंह ने दिनांक 09 से 10 फरवरी, 2026 तक बाली (इंडोनेशिया) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी “Feminist Perspectives in Glocal Contexts” में सफलतापूर्वक सहभागिता करते हुए अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस अवसर पर उनके साथ उनके शोधार्थी शुभम सिंह ने भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर शोध पत्र प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया।
प्रो० निशा सिंह ने “Women and Nature in Contemporary Context” विषय पर अपना शोध प्रस्तुत किया, जिसमें समकालीन विश्व में स्त्री और प्रकृति के पारस्परिक संबंधों को नारीवादी दृष्टिकोण से गहराई से विश्लेषित किया गया। अपने वक्तव्य में उन्होंने जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संकट, प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन तथा सामाजिक असमानताओं के संदर्भ में स्त्रियों की भूमिका और उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह प्रतिपादित किया कि स्त्री और प्रकृति, दोनों का शोषण समान संरचनात्मक शक्तियों द्वारा किया गया है तथा नारीवादी चिंतन इन चुनौतियों के समाधान की दिशा में सार्थक मार्गदर्शन प्रदान करता है।
संगोष्ठी में “Glocal” अर्थात वैश्विक और स्थानीय संदर्भों के अंतर्संबंधों पर विशेष चर्चा हुई। प्रो० सिंह ने अपने शोध में यह स्पष्ट किया कि समकालीन साहित्य, समाज और पर्यावरणीय आंदोलनों में स्त्री केवल पीड़िता के रूप में नहीं, बल्कि परिवर्तन की सशक्त वाहक के रूप में उभर रही है।
उनके शोधार्थी शुभम सिंह ने भी अपने शोध पत्र के माध्यम से समकालीन नारीवादी विमर्श के विविध आयामों पर विचार प्रस्तुत किए, जिसकी विद्वतजनों ने सराहना की।
प्रो० निशा सिंह की यह अकादमिक उपलब्धि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के लिए गर्व का विषय है। विश्वविद्यालय प्रशासन, सहकर्मियों एवं शोधार्थियों ने उनकी इस अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें एवं उनके शोधार्थी को हार्दिक बधाई दी है।

