Varanasi UP…गिरमिटिया देशों में हिंदी पत्रकारिता ने सामाजिक चेतना को दी नई दिशा : प्रो. आनंद वर्धन शर्मा


गिरमिटिया देशों में हिंदी पत्रकारिता ने सामाजिक चेतना को दी नई दिशा : प्रो. आनंद वर्धन शर्मा

वाराणसी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय में सूरीनाम के भारतीय आगमन दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में वक्ताओं ने गिरमिटिया देशों में हिंदी पत्रकारिता और साहित्य की भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता प्रो. आनंद वर्धन शर्मा ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता, साहित्य, संस्कृति और परंपराओं ने प्रवासी भारतीयों की पहचान को संरक्षित रखते हुए सामाजिक चेतना को नई दिशा दी है। उन्होंने बताया कि गिरमिटिया श्रमिक अपने साथ भाषा, संस्कृति और धार्मिक ग्रंथ लेकर गए, जो आज भी उनकी पहचान का आधार हैं।

सम्मेलन के संयोजक प्रो. ज्ञानप्रकाश मिश्र ने कहा कि हिंदी भारतीय संस्कृति और मूल्यों की वाहक है तथा गिरमिटिया देशों में भारतीय अस्मिता को जीवित रखने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े शारदानंद हरिनंदन ने कहा कि विदेशों में बसे भारतीयों का हृदय आज भी हिंदुस्तान के लिए धड़कता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. सुषमा ढिल्डियाल ने की। सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों, शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।

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